रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News इस वित्तीय वर्ष के आठ महीने पूरे हो गए लेकिन झारखंड सरकार के विभिन्न विभाग लक्ष्य के हिसाब से राशि व्यय करने में कहीं पीछे हैं। दो तिहाई समय गंवाकर विभागों ने अभी तक एक तिहाई राशि भी खर्च करने में सफलता नहीं पाई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में रिवाइज्ड इस्टीमेट के हिसाब से 34.88 प्रतिशत राशि व्यय करने में झारखंड सरकार के विभागों को सफलता मिली है। हालांकि मूल बजट से तुलना करें तो राज्य सरकार 36.22 प्रतिशत राशि खर्च कर चुकी है।

आज सीएम हेमंत सोरेन करेंगे समीक्षा

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड मंत्रालय में बुधवार को चालू वित्तीय वर्ष 2022- 23 में बजट खर्च की समीक्षा करेंगे। वित्त विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री की समीक्षा को लेकर सभी विभागों से बजट के विरुद्ध किए गए खर्च की रिपोर्ट मंगलवार तक मांगी थी। विभागों से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक अधिसंख्य विभागों ने औसत से खराब प्रदर्शन किया है। ऊर्जा और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को छोड़ दें तो कोई भी विभाग बजट की तुलना में खर्च का आंकड़ा 50 प्रतिशत तक नहीं पहुंचा पाया है।

सबसे ज्यादा उर्जा विभाग ने 87 प्रतिशत किया खर्च

वित्त विभाग को मिली रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग महज 28.57 प्रतिशत राशि व्यय कर सका है जबकि महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग 41.45 प्रतिशत। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को 51.72 प्रतिशत राशि खर्च करने में सफलता मिली है जबकि ऊर्जा विभाग 4216.51 करोड़ रुपये खर्च कर सबसे अधिक व्यय करनेवाला विभाग बन गया है। ऊर्जा विभाग को 87 प्रतिशत राशि व्यय करने में सफलता मिली है।

ग्रामीण कार्य विभाग, नगर विकास का प्रदर्शन फीका

ग्रामीण कार्य विभाग और नगर विकास विभाग के पास काम करने का बेहतर मौका और बजट का प्रबंध होने के बावजूद राशि खर्च करने में प्रदर्शन बहुत ही फीका रहा है। ग्रामीण कार्य विभाग को महज 17.89 प्रतिशत राशि खर्च करने में सफलता मिली है जबकि नगर विकास विभाग 17.91 प्रतिशत राशि खर्च कर सका है। पंचायती राज विभाग भी 28.12 प्रतिशत राशि ही खर्च कर सका है।

कृषि विभाग का दायित्व बड़ा, खर्च 6 प्रतिशत ही

कृषि, पशुपालन एवं काेआपरेटिव विभाग का खर्च महज 6.08 प्रतिशत रहा हे। यह हाल तब है जब राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि विभाग की अहम भूमिका है। विभाग को नवंबर महीने के आखिरी सप्ताह तक 6.08 प्रतिशत राशि व्यय करने में सफलता मिली है। इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन खाद्य आपूर्ति विभाग का रहा है। विभाग ने कुल बजट के हिसाब से 26.74 प्रतिशत राशि खर्च करने में सफलता पाई है।

Edited By: Sanjay Kumar

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