रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Agriculture Bill 2022 झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन विधेयक के चौतरफा विरोध के बीच कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार व्यवसायियों को विश्वास में लेकर ही विधेयक को लागू करेगी। गुरुवार को फेडरेशन आफ इंडिया व्यापार मंडल (फेम) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के क्रम में कृषि मंत्री ने यह आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि बिल पर राज्य के सभी प्रमुख व्यवसायिक संगठनों के साथ वे जल्द ही बैठक करेंगे। व्यवसायियों के पक्ष को सकारात्मक रूप से लेते हुए राज्य सरकार बिल की विवेचना करेगी।

बात दें कि झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2022 पारित किया गया था। बिल के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति करते हुए राज्यपाल रमेश बैस ने इसे सरकार को वापस कर दिया है। अब यह बिल विधानसभा के अगले सत्र में लाया जाएगा।

निश्चित तौर पर बढ़ेगी महंगाई

फेम के प्रतिनिधि ने कृषि मंत्र को बताया कि विधेयक की जिस धारा-66 के तहत दो प्रतिशत कृषि बाजार शुल्क लगाने का प्रविधान किया गया है, उससे निश्चित तौर पर महंगाई बढ़ेगी। इसके अलावा दो प्रतिशत बाजार शुल्क के अलावा इसमें व्यापारियों को उक्त दो प्रतिशत शुल्क का रिटर्न भी दाखिल करना होगा। जिसके लिए लेखाजोखा भी रखना होगा और निर्धारित अवधि में रिटर्न भी दाखिल करना होगा। इससे व्यापारियों का भयादोहन भी शुरू होगा। इन सब कारणों से महंगाई दर के प्रदेश में 4-5 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। प्रतिनिधिमंडल में जसविंदर सिंह, अनीश कुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, नीरज ग्रोवर व विजय महतो शामिल थे।

Edited By: Sanjay Kumar