नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति की शक्तियां छीनीं, वित्तीय अनियमितताओं पर राज्यपाल का कड़ा एक्शन
राज्यपाल ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह की प्रशासनिक व वित्तीय शक्तियों पर रोक लगा दी है ...और पढ़ें

केवल रूटीन कार्य ही कर सकेंगे डा. दिनेश कुमार सिंह, इस्तीफा देने के भी निर्देश।
HighLights
राज्यपाल ने कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह की शक्तियां रोकीं।
वित्तीय अंकेक्षण में गड़बड़ियां और शिकायतों के बाद कार्रवाई।
2.68 करोड़ के अवैध भुगतान और निर्देशों की अवहेलना का आरोप।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने पलामू स्थित नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. दिनेश कुमार सिंह की सभी प्रशासनिक व वित्तीय शक्तियों के उपयोग पर रोक लगा दी है। वह केवल रूटीन कार्य ही कर सकेंगे।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में कराए गए विशेष अंकेक्षण की रिपोर्ट तथा लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की। बताया जाता है कि राज्यपाल ने उन्हें पद से इस्तीफा देने के भी निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता की कई शिकायतें मिलने के बाद राज्यपाल ने वित्त विभाग से विशेष अंकेक्षण कराया था, जिसमें कई गड़बड़ियों की पुष्टि हुई थी।
इसके अलावा राज्यपाल के निर्देश के विरुद्ध परीक्षा नियंत्रक सहित अन्य पदों पर नियुक्ति करने का मामला भी प्रकाश में आया था। उन्होंने निर्देश की अवहेलना करते हुए अपने पसंदीदा अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी थी।
अवैध भुगतान के लिए बदल दिए अधिकारी, कराया 2.68 करोड़ का भुगतान
वर्तमान कुलपति पर आरोप है कि उन्होंने मनपसंद व्यक्ति को परीक्षा नियंत्रक और ओएसडी बनाकर नेशनल को-आपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन आफ इंडिया लिमिटेड एनसीसीएफ को 2.68 करोड़ रुपये का भुगतान कराया। इसी भुगतान के उद्देश्य से राज्यपाल द्वारा नियुक्त परीक्षा नियंत्रक को समय से पहले पद से हटा दिया।
इसके अलावा डाक्टर शैलेश कुमार मिश्रा को गलत तरीके से रजिस्ट्रार के पद पर बनाए रखने का आरोप है। विशेष अंकेक्षण रिपोर्ट में यह उल्लेख है कि राज्यपाल के अनुमोदन के बाद डा. रविशंकर को एक वर्ष के लिए परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्ति किया गया था।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एनसीसीएफ द्वारा परीक्षा से संबंधित कुल 13 काम नहीं करने से संबंधित रिपोर्ट दी थी। इसमें परीक्षा से पहले के पांच और परीक्षा के बाद के आठ काम नहीं करने का उल्लेख था। इसी रिपोर्ट की वजह से एनसीसीएफ का 2.68 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो पा रहा था।
कुलपति ने राज्यपाल के आदेश की अनदेखी करते हुए उन्हें परीक्षा नियंत्रक के पद से हटाकर अजीत सेठ को परीक्षा नियंत्रक के पद पर पदस्थापित कर दिया। इसके अलावा गौरव कुमार को परीक्षा नियंत्रक का ओएसडी बनाया गया। इस बदलाव के बाद एनसीसीएफ को 2.68 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।
अनियमितता के कारण ही रांची विवि के कुलपति से वापस लिया गया था प्रभार
डाॅ. दिनेश कुमार सिंह को रांची विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति के पद विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतों के कारण प्रभार से हटा दिया गया था।
रांची विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलपति रहते हुए एक खास ठेकेदार से किताब, फर्नीचर आदि की खरीदने का आदेश देने के लिए खूंटी के एक प्राचार्य पर दबाव देने का आरोप लगा था। इसके बाद राज्यपाल ने उनसे प्रभार वापस ले लिया था।
