रांची, राज्य ब्यूरो। केंद्र सरकार ने महंगाई के इस दौर में जनता को पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों से राहत दिलाने के लिए पेट्रोल में 9.5 रुपये, डीजल में सात रुपये और उज्जवला योजना के तहत एलपीजी में 200 रुपये की कटौती करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार ने तमाम राज्यों से भी अपेक्षा की है कि वे जनता को राहत दिलाने के लिए वैट की दरों में कुछ कमी करें। लेकिन झारखंड सरकार की वैट की दरों में कटौती कर सीधे जनता को राहत दिलाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव के कहा कि झारखंड में पहले से ही पेट्रोल सब्सिडी योजना प्रभावी है इसके तहत दोपहिया वाहन रखने वाले राशन कार्डधारियों को 25 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जा रही है। इधर, भाजपा ने भी राज्य सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती का दबाव बनाया है। वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने स्वीकारा कि राज्य सरकार की पेट्रोल सब्सिडी योजना में लाभुकों की संख्या कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के कारण राज्य में आचार संहिता लगी हुई है, चुनाव के बाद लाभुकों की संख्या कैसे बढ़े, राज्य सरकार पर इस गंभीरता से विचार करेगी। सभी जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारियों को इस संदर्भ में पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। वित्तमंत्री के स्पष्ट बयान से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार सीधे वैट की दरों में कमी कर जनता को लाभ देने का विचार नहीं कर रही है। 25 रुपये की पेट्रोल सब्सिडी की अपनी योजना को ही दुरुस्त करने पर इसका सारा जोर है।

रघुवर बोले, टैक्स की दरों में कटौती करे राज्य सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने राज्य सरकार पर पेट्रोल-डीजल पर टैक्स की दरें कम करने का दबाव बनाया है। रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशानिर्देश पर केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने जनहित के इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री एन. सीतारमण का आभार व्यक्त किया है। कहा, इससे पहले नवंबर 2021 में दीपावली पर केंद्र सरकार ने एक्साइस ड्यूटी में कमी की थी, जिससे पेट्रोल पर छह रुपये से ज्यादा और डीजल पर 12 रुपये से ज्यादा की राहत आम लोगों को मिली थी। इसके अतिरिक्त देशभर में भाजपा की राज्य सरकारों ने भी कीमतों में कमी की थी, लेकिन झारखंड की हेमंत सरकार ने उस समय भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं की थी। रघुवर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आप भी राज्य के करों में कमी कर आम लोगों को राहत प्रदान किजीए।

बाबूलाल मरांडी ने किया ट्वीट

भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देशवासियों की चिंता करते हुए आज नरेंद्र मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जिसमें पेट्रोल में 9.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल में 7 रुपये प्रति लीटर और उज्जवला योजना के तहत गैस सिलेंडर में 200 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दी जाएगी।

मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत, झारखंड सरकार भी वैट घटाए : अन्नपूर्णा देवी

उधर, केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी कमी किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार ने एक बार और प्रमाणित किया है कि यह सुनने वाली सरकार है, जनता की जरूरतों और तकलीफों के प्रति संवेदनशील है। इससे पहले नवंबर 2021 में भी दीपावली पर केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कमी की थी। इसके अतिरिक्त देशभर में भाजपा की राज्य सरकारों ने भी कीमतों में कमी की थी, लेकिन झारखंड सरकार ने उस समय भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं की थी। सेलेक्टिव तरीके से पेट्रोल पर सब्सिडी देने की राज्य सरकार की योजना भी अव्यवहारिक, जटिल और जनता के लिए अलाभकारी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को आम जनता के प्रति संवेदनशीलता और उदारता दिखाते हुए अविलंब वैट की दरें घटाकर पेट्रोल - डीजल की कीमतों में और कमी करनी चाहिए।

बहानेबाजी छोड़ टैक्स घटाए हेमंत सरकार : दीपक प्रकाश

उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडर पर राहत देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का राज्य की जनता की ओर से आभार प्रकट किया है। प्रकाश ने कहा कि इससे जनता को बड़ा लाभ होगा। एक तो पेट्रोल डीजल की खरीद में लाभ होगा दूसरी ओर मालभाड़ा कम होने पर महंगाई भी कम होगी। प्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार को भी अपनी हठधर्मिता और बहानेबाजी छोड़कर वैट घटना चाहिए। कहा,पिछली बार दीपावली के समय भी केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर पांच रुपये और डीजल पर 10 रुपये का उत्पाद शुल्क घटाया था। लेकिन राज्य सरकार ने एक पैसा भी वैट कम नही किया। उल्टे पेचीदे नियम कानून में उलझाकर राहत देने के नाम पर केवल जनता को धोखा दिया। प्रकाश ने कहा कि जितने पैसे राज्य सरकार की योजना के प्रचार के लिए विज्ञापन पर खर्च हुए होंगे, जनता को उतनी राहत भी नही मिली होगी।भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने केंद्र संवेदनशील सरकार है लेकिन राज्य की सरकार संवेदना विहीन सरकार है। राज्य सरकार को जनता की समस्याओं और परेशानियों से कुछ भी लेना देना नही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को वैट घटाने की अविलंब पहल करनी चाहिए।

Edited By: M Ekhlaque