रांची, राज्य ब्यूरो। सरकारी स्कूलों में नया सत्र एक जुलाई से शुरू होगा। बता दें कि कोरोना को लेकर स्कूलों के बंद रहने के कारण सत्र की अवधि जून तक बढ़ा दी गई थी।। स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों के सरकारी स्कूलों में नामांकन के लिए एक से 15 जुलाई से विशेष अभियान चलाया जाएगा। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की निदेशक किरण कुमार पासी ने इसे लेकर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों व जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य परियोजना निदेशक ने निर्देश में कहा है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन का संकल्प लिया गया है। कोरोना के बाद स्कूलों को फिर से खुलने पर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, नए नामांकन तथा स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों के नामांकन हेतु पांच अप्रैल से चार मई तक स्कूल लौटें अभियान चलाया गया था।

इसलिए चलाया जाएगा नामांकन अभियान

इस दौरान नए नामांकित बच्चों की सूची अबतक राज्य परियोजना कार्यालय को जिलों से नहीं मिल पाया है। उक्त अभियान चलाए जाने के बाद भी बड़ी संख्या में बच्चे अनामांकित रह गए होंगे। इसे देखते हुए विशेष नामांकन अभियान चलाया जाना जरूरी है। इस अभियान के तहत प्रवासी /बाहर से पोषक क्षेत्र में आए परिवारों के बच्चों की विवरणी बालपंजी/ग्राम शिक्षा रजिस्टर में अद्यतन किया जाए। साथ ही आयु अनुरूप कक्षाओं में उनका नामांकन कराया जाए। इस प्रकार के नामांकन को नया नामांकन माना जाएगा।

बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट के माना जाएगा नया नामांकन

कक्षा एक, छह, नौ तथा 11वीं में नया नामांकन लिया जाएगा तथा बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट के नामांकन को नया नामांकन माना जाएगा। पूर्व की कक्षाओं में नामांकित सभी छात्रों का अगली कक्षाओं में सौ प्रतिशत ट्रांजेक्शन सुनिश्चित किया जाए। जो छात्र अगली कक्षा में नामांकित नहीं हैं, उनके अभिभावकों से संपर्क कर नामांकन कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक तथा वर्ग शिक्षक की होगी। राज्य परियोजना निदेशक ने सभी वर्तमान/पूर्व नामांकित छात्रों का आधार (स्वेच्छा से) प्राप्त करने तथा आधार नहीं है तो प्रज्ञा केंद्रों पर बनाने को कहा है।

डीबीटी की जिम्मेदारी जिला स्तरीय लेखा पदाधिकारी

नामांकन के साथ डीबीटी के लिए बैंक का ब्योरा लेने की जिम्मेदारी जिला स्तरीय लेखा पदाधिकारी की होगी। नामांकित छात्रों को सभी लाभ समय पर देने के भी निर्देश दिए हैं। राज्य परियोजना निदेशक ने खासकर पांचवीं से छठी, आठवीं से नौवीं तथा दसवीं से 11वीं में जानेवाले बच्चों के नामांकन पर विशेष ध्यान देने को कहा है। साथ ही विशेष नामांकन अभियान में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लेने का सुझाव दिया है।

Edited By: M Ekhlaque