यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: मिड-डे मील रसोइया को 12 महीने मानदेय देने की तैयारी में सरकार, 85 हजार महिलाओं को मिलेगा फायदा
पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत महिला रसोइया एवं सहायिका को आगामी वित्तीय वर्ष से साल में 12 महीने का ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, रांची: पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजन योजना) के तहत कार्यरत महिला रसोइया एवं सहायिका को आगामी वित्तीय वर्ष 2023-24 से साल में 12 महीने का मानदेय मिल सकता है। राज्य सरकार इसकी तैयारी कर रही है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसे लेकर प्रस्ताव तैयार किया है।
अभी दस महीने का ही मिलता है मानदेय
अभी तक खाना बनाने वाली इन महिलाओं को साल में 10 माह का ही मानदेय मिलता है। अब साल में 12 महीने का मानदेय देने पर अतिरिक्त राशि का भुगतान राज्य बजट से किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने केंद्र से भी 12 माह का मानदेय देने की मांग की है।
राज्य में कार्यरत हैं 85 हजार महिला रसोइया
पीएम पोषण योजना के तहत राज्य में लगभग 85 हजार महिला रसोइया कार्यरत हैं। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बजट के अनुसार, महिला रसोइया एवं सहायिका को वर्ष में दस माह के लिए ही मानदेय की राशि उपलब्ध कराई जाती है। महिला रसोइया एवं सहायिका कई वर्षों से पूरे वर्ष अर्थात 12 माह के लिए मानदेय देने की मांग करते हुए आंदोलन करती रही हैं।
प्रतिमाह दो हजार का मिलता है मानदेय
बता दें कि इन्हें प्रतिमाह दो हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसमें 600 रुपये भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जबकि केंद्रांश के रूप में 400 रुपये तथा अतिरिक्त एक हजार रुपये अर्थात कुल 1,400 रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
पीएम पोषण योजना के बजट को लेकर पैब की बैठक 20 अप्रैल को
पीएम पोषण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट की स्वीकृति के लिए प्रोग्राम एप्रूबल बोर्ड की बैठक अब 20 अप्रैल को होगी। पहले यह बैठक 14 मार्च को ही होनेवाली थी, लेकिन समय पर नहीं हो सकी थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पैब की बैठक की नई तिथि की जानकारी राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दे दी है।
