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Chara ghotala: 29 साल पहले जब्त हुए थे ₹1 करोड़ से अधिक, अब कोर्ट ने झारखंड सरकार को सौंपने को कहा

Published: Thu, 01 Oct 2026 10:35 PM (IST)

चारा घोटाले में 29 साल पहले जब्त की गई 1 करोड़ 33 लाख 60 हजार रुपये की राशि अब झारखंड ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। (AI Generated Image)

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। (AI Generated Image)

HighLights

  1. 29 साल पहले जब्त 1.33 करोड़ रुपये झारखंड सरकार को मिलेंगे।

  2. चारा घोटाले के गवाह दीपेश चांडक से यह राशि जब्त हुई थी।

  3. सीबीआई अदालत ने लावारिस राशि झारखंड सरकार को सौंपने का आदेश दिया।

राज्य ब्यूरो, रांची। चारा घोटाले में सीबीआई के सरकारी गवाह दीपेश चांडक से जब्त की गई 1 करोड़ 33 लाख 60 हजार रुपये 29 साल के लंबे इंतजार के बाद अब झारखंड सरकार के खजाने में जमा होगी। 
 
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने इस राशि को झारखंड सरकार के खाते में भुगतान करने का आदेश जारी किया है।
 
यह राशि चारा घोटाले के अनुसंधान के दौरान सीबीआई ने 7 और 10 जनवरी 1997 को दीपेश चांडक के आवास पर छापेमारी के दौरान बरामद की थी। 
 
सीबीआई जांच के अनुसार, चांडक पर 1981 से 1994 के दौरान फर्जी आवंटन पत्रों, आपूर्ति विपत्रों और नकली बिलों के जरिए तत्कालीन अविभाजित बिहार के विभिन्न कोषागारों से 95.99 करोड़ रुपये की अवैध निकासी में शामिल होने का आरोप था। 
 
इसी मामले में कांड संख्या RC 52A/96 की जांच के दौरान यह राशि जब्त हुई थी। बाद में अदालत के निर्देश पर 4 जनवरी 2022 को इस राशि को सरकारी बैंक खाते में सुरक्षित जमा कराया गया था।
 

आरोपी ने रकम पर अपना कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया 

मामले की सुनवाई के दौरान दीपेश चांडक ने इस रकम पर अपना कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया। सीबीआई के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि ऐसी लावारिस या बिना दावे वाली जब्त राशि राज्य सरकार को सौंपी जानी चाहिए। 
 
सीबीआई ने कांड संख्या RC 20A/96 में 30 सितंबर 2013 को आए फैसले का हवाला भी दिया, जिसमें बिना दावे वाली संपत्ति संबंधित राज्य सरकार को देने का निर्देश दिया गया था।
 
अदालत ने गवाह दीपेश चांडक का पक्ष भी सुना, जिन्होंने राशि पर कोई आपत्ति या दावा पेश नहीं किया। सभी तर्कों को स्वीकार करते हुए सीबीआई अदालत ने पूरी राशि झारखंड सरकार के पक्ष में ट्रांसफर करने का अंतिम आदेश पारित कर दिया।