रांची, जेएनएन। कोरोना की मार ने किसानों व पशुपालकों पर भी सितम ढाया है। शनिवार को क्षेत्र के कई पशुपालकों ने सैकड़ों लीटर दूध नाली में बहा दिया। कोरोना से पहले ओलावृष्टि से लेकर अतिवृष्टि ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दी है। वहीं गोपालकों के दूध को मेधा डेयरी द्वारा लेने से इन्कार के बाद अब स्थिति यह है कि दूध को 10 रुपये लीटर भी खरीदने वाला कोई नहीं है। लाचारी में गोपालक दूध को फेंक रहे हैं। हालांकि सरकार ने डेयरी और मिल्क फेडरेशन को दुग्ध उत्पादकों से दूध लेने का निर्देश दिया है।

कृषि व दूध उत्पादन में अग्रणी है क्षेत्र

रांची जिले में बुढ़मू प्रखंड खासकर ठाकुरगांव क्षेत्र कृषि व दूध उत्पादन में अग्रणी है। यहां से सालो भर प्रतिदिन दर्जन भर सब्जी की गाडिय़ां टाटा, धनबाद, छत्तीसगढ़ से लेकर कोलकाता तक जाती हैं। इसी प्रकार दूध उत्पादन में भी यह क्षेत्र अग्रणी है। प्रतिदिन कई टैंकर दूध यहां से शहरों में जाता है। खरीदार नहीं मिलने के कारण किसान और पशुपालक दोनों परेशान हैं। पशुपालकों को पशु आहार भी नहीं मिल रहा है। शनिवार को खिजुर टोला में कुलदीप यादव, गुजेश यादव समेत कई गोपालकों ने दूध नाली में बहा दिया।

राज्य में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं 

मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य में लॉकडाउन के बाद उत्पन्न परिस्थितियों की झारखंड मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि अभी राज्य में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है। चीनी, मसाला, गेहूं, चावल, नमक आदि महीनों चलेंगे। खाद्य तेल, दाल आदि भी अभी पर्याप्त हैं, लेकिन इनकी लगातार उपलब्धता बनाए रखने के लिए अभी से प्रयास करने के निर्देश दिए गए। आटा मिलों को गेहूं लगातार उपलब्ध होता रहेगा। फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने आश्वस्त किया है कि जितनी गेहूं, चावल की जरूरत होगी, वह उसकी आपूर्ति करेगा। 

मुख्य सचिव ने एलपीजी और साबुन की उपलब्धता भी बनाए रखने पर बल दिया। साथ ही, कालाबाजारी और सामान का ज्यादा मूल्य लेने पर अंकुश लगाने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड को लगातार एक्शन में रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गांवों के गरीबों तक खाना पहुंचाने की व्यवस्था स्वयं सहायता ग्रुप से कराई जा रही है। 

आवश्यक वस्तुओं वाले ट्रकों को गंतव्य तक जाने की अनुमति 

मुख्य सचिव ने राज्य के कोने-कोने तक आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं से लदे जो भी ट्रक सड़कों पर जहां-तहां खड़े हैं, उन्हें गंतव्य तक जाने की अनुमति दें। उन्होंने बाहर से आने वाले आवश्यक सामान की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सीएनएफ एजेंटों से बात कर उनके सामान मंगवाने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। वहीं, सप्लाई चेन से जुड़े लोगों के आवागमन में व्यवधान नहीं हो, इसके लिए उन्हें पास देने का निर्देश दिया गया।

वैकल्पिक पशु चारा के उपयोग का निर्देश 

समीक्षा में यह पाया गया कि पशु चारे की कमी हो सकती है। इसके लिए वैकल्पिक पशु चारा की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। 90 प्रतिशत चारा बिहार से आता है, वहां से सप्लाई बनी रहे इसपर भी काम करने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि राज्य में फिलवक्त सवा लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, लेकिन खपत घटकर 35 हजार लीटर हो गई है। पशुपालकों द्वारा उत्पादित दूध की खपत कम होने से उत्पन्न स्थिति पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि ज्यादा से ज्यादा दूध को घी, पनीर और सूखा दूध में परिवर्तित करने के उपायों पर अमल करें। 

दूसरे राज्यों में फंसे झारखंड वासियों के लगातार संपर्क में है प्रशासन 

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासन बाहर के प्रदेशों में फंसे झारखंड वासियों के लगातार संपर्क में है। उन्हें स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कराई जा रही है। वहीं, उन्होंने राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भी झारखंड में फंसे बाहर के प्रदेशों के लोगों की हर सुविधा का पूरा ध्यान रखें। बताया गया कि गुजरात के 74 स्थानों पर तीन हजार से ज्यादा झारखंड के लोग हैं। वहीं, केरल के 145 स्थानों पर 2944 लोग तथा आंध्र प्रदेश के 32 स्थानों पर 532 लोग हैं। उसी तरह तमिलनाडु में 2250 लोग हैं। उनमें से 600 लोग वेल्लोर में परिजनों के इलाज के लिए जाने के दौरान वहां रुके हैं। बंगाल में 28 स्थानों पर 550 लोग, मध्य प्रदेश में 138 लोग, छत्तीसगढ़ में 300 स्थानों पर 1500 लोग, दिल्ली में लगभग 1500, महाराष्ट्र में 740 लोग, पंजाब में 74 स्थानों पर 479 लोग सहित उत्तर प्रदेश में हजारों झारखंडवासी हैं। 

मोबाइल एटीएम से दें पैसे निकासी की सुविधा

लोगों को अपने पैसे की निकासी के लिए घर से बाहर नहीं निकलना पड़े, इसके लिए मुख्य सचिव ने मोबाइल एटीएम वैन की सुविधा देने की जरूरत बताई। बताया गया कि रांची में तीन मोबाइल एटीएम वैन चल रही हैं। उनका जल्द ही रूट चार्ट भी तय कर दिया जाएगा। 

बैठक में ये थे उपस्थित

मुख्य सचिव डॉ. डी के तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अरूण कुमार सिंह, केके खंडेलवाल, प्रधान सचिव एपी सिंह, अविनाश कुमार, नितीन मदन कुलकर्णी, राजीव अरूण एक्का, सचिव केके सोन, आराधना पटनायक, पूजा सिंघल, विनय कुमार चौबे, प्रवीण टोप्पो, के रवि कुमार, अमिताभ कौशल, सुनील कुमार, अबू बक्कर सिद्दीख पी. आदि अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Alok Shahi

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