झारखंड में आयरन से बच्ची को दागने के आरोपित बीडीओ पर कार्रवाई, घटिया सड़क निर्माण पर तीन अभियंता निलंबित
झारखंड में पूर्व बीडीओ राकेश कुमार के खिलाफ बच्ची को दागने के मामले में कोर्ट से राहत के बावजूद विभागीय ...और पढ़ें

झारखंड में अधिकारियों पर गिरी गाज: पूर्व बीडीओ, सीओ और तीन अभियंता पर विभागीय कार्रवाई।
HighLights
पूर्व बीडीओ राकेश कुमार पर बच्ची को दागने के मामले में कार्रवाई।
नामकुम की पूर्व सीओ शुभ्रा रानी पर जमीन मामले में जांच।
साहिबगंज के तीन अभियंता घटिया सड़क निर्माण के लिए निलंबित।
राज्य ब्यूरो, रांची। हजारीबाग के बड़कागांच के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार एक आपराधिक मामले में कोर्ट से मुक्त हो गए थे, लेकिन उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलती रहेगी। कार्मिक विभाग के स्तर से जारी अधिसूचना के अनुसार राकेश कुमार को आपसी समझौते के आधार पर कोर्ट से राहत मिली है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
राकेश कुमार एवं उनकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने आयरन से एक छोटी बच्ची को दाग दिया था। समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के आधार पर बाद के दिनों में उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। मामला कोर्ट पहुंचा तो बच्ची के अभिभावकों के साथ समझौता के आधार पर उन्हें राहत मिल गई लेकिन, अब कार्मिक ने इसे मानने से इन्कार कर दिया है।
इसके पूर्व विभागीय कार्यवाही के क्रम में राकेश कुमार पर आरोप प्रमाणित नहीं हो सके थे और उन्हें कार्यवाही से मुक्त कर दिया गया। अब उनके विरुद्ध दोबारा विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया है।
नामकुम की तत्कालीन सीओ शुभ्रा रानी के विरुद्ध भी विभागीय कार्यवाही
एक अन्य मामले में राजधानी रांची के नामकुम की तत्कालीन अंचल अधिकारी शुभ्रा रानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन से जुड़े मामले में राज्य सरकार ने उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है।
उन पर वंशावली सत्यापन में गलत रिपोर्ट देने और सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप है। मामला नामकुम अंचल के मौजा हेथु की 3.64 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि सीओ शुभ्रा रानी ने इस जमीन के मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
बिना ठोस जांच-पड़ताल के वंशावली का सत्यापन कर दिया और जमीन से संबंधित रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी, जो जांच में गलत पाई गई। बाद में जब रांची के उपायुक्त की ओर से जांच कराई गई तो सीओ के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए।
इस मामले में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया। अब विभागीय कार्यवाही के जरिए आरोपों की जांच की जाएगी। इसके लिए सेवानिवृत आइएएस अधिकारी सुनील कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।
साहिबगंज में पथ निर्माण विभाग के तीन अभियंता निलंबित
साहिबगंज जिला के पतना-हिरणपुर पथ के घटिया निर्माण की पुष्टि होने पर राज्य सरकार ने कडा निर्णय लिया है। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर पथ निर्माण विभाग के तीन अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक सेवानिवृत्त इंजीनियर पर विभागीय कार्यवाही संचालित किए जाने के आदेश दिए गए हैं।
पथ निर्माण विभाग की अधिसूचना के अनुसार, सभी अभियंताओं को निलंबन की अवधि के दौरान केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। अन्य कोई सुविधा नहीं मिलेगी। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय रांची में मुख्य अभियंता (यातायात) का कार्यालय निर्धारित किया गया है।
दूसरी तरफ, बरहरवा-एक पथ प्रशाखा के कनीय अभियंता राम दयाल मंडल सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके खिलाफ झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत पेंशन में कटौती की जाएगी। साहिबगंज पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार, राजमहल पथ अवर प्रमंडल के सहायक अभियंता रामजीवन पासवान और राजमहल पथ प्रशाखा के कनीय अभियंता शत्रुध्न प्रसाद राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
