रांची, राज्य ब्यूरो। सिमडेगा के कोलेबिरा के पूर्व विधायक सह झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का पांच दिनों के पैरोल पर गुरुवार को जेल से छूटकर सिमडेगा पहुंच गए हैं। अभी वे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में बंद हैं और पारा टीचर हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। पूर्व मंत्री एनोस एक्का के भाई की बेटी की सिमडेगा के कोलेबिरा में बपतिस्मा (ईसाई धर्म में शामिल करने का संस्कार) संस्कार कार्यक्रम है। इसी कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर उन्होंने जेल प्रशासन से पैरोल के लिए आग्रह किया था। उनके आवेदन पर संतुष्ट होने के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें पांच दिनों का पैरोल दिया है। 15 अगस्त को छूटने के बाद वे जेल से सुरक्षाकर्मियों के साथ कोलेबिरा पहुंचे। घर पहुंचने पर एनोस एक्‍का का परिवार जनों ने खूब स्‍वागत किया। 

26 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किए गए थे एनोस एक्का
पूर्व मंत्री एनोस एक्का 26 नवंबर 2014 की रात कोलेबिरा प्रखंड के लसिया गांव निवासी पारा शिक्षक मनोज कुमार के अपहरण व हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए थे। 27 नवंबर को पारा शिक्षक का शव जटाटांड़ जंगल से बरामद किया गया था। 29 जून 2018 को एनोस एक्का व उनके सहयोगी धनेश बड़ाईक दोषी करार दिए गए थे। इसके बाद उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें सिमडेगा जेल से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में शिफ्ट किया गया था। तब से ही एनोस एक्का सेंट्रल जेल के अपर डिविजन सेल में रखे गए थे। 

अरबों की संपत्ति हो चुकी है जब्त
पूर्व मंत्री एनोस एक्का व उनके संबंधियों के नाम पर काली कमाई से बनाई गई अरबों की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय की टीम जब्त कर चुकी है। उनकी संपत्ति झारखंड- पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मिली थी। 

Posted By: Alok Shahi