रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Electricity Workers Jobs बिजली के वैसे अस्थायी कर्मियों को बहाल करने की तैयारी आरंभ की गई है जो बीते 10 वर्ष या उससे अधिक समय से बतौर अस्थायी कर्मी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे कर्मियों की सूची सभी एरिया बोर्ड से मुख्यालय ने मांगी है ताकि स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके। इससे कर्मियों की वास्तविक संख्या का भी आकलन हो सकेगा। निगम मुख्यालय ने आदेश दिया है कि पदाधिकारी बगैर किसी दबाव में आए अस्थायी कर्मियों की सूची तैयार करेंगे।

31 अगस्त तक सूची मुख्यालय भेजें

ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी अविनाश कुमार ने कहा कि ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल निगम मुख्यालय को यह जानकारी मिली है कि कुछ लोग विभिन्न संघों के नाम पर अस्थायी कर्मियों में भ्रम फैला रहे हैं। ऐसे तत्वों को हतोत्साहित करने की आवश्यकता है। जिन कर्मियों में निर्धारित योग्यता है, उन्हें ऐसे तत्वों से बचना चाहिए। पदाधिकारियों को भी इस संबंध में सचेत कर दिया गया है कि वे वास्तविक स्थिति से मुख्यालय को अवगत कराएं कि उनके क्षेत्र में ऐसे कितने कर्मी है। इसके लिए एक तय फार्मेट निर्धारित किया गया है। फिलहाल निगम का मानव संसाधन विभाग निर्देश के आलोक में पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने में जुटा हुआ है। सभी स्थानों से सूची मिलने के बाद कर्मियों की स्थायी नियुक्ति की विधिवत प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन) अभिषेक कुमार ने कर्मियों की सूची 20 अगस्त तक मांगी है। मुख्यालय इसे 31 अगस्त तक अंतिम रूप देगा।

अदालत के आदेश के बाद निर्णय

ऊर्जा विकास निगम की अलग-अलग कंपनियों में 10 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत अस्थायी कर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के निर्देश को ध्यान में रखते हुए आरंभ की गई है। निगम मुख्यालय ने 2016 में सेवा नियमित करने का संकल्प जारी किया था। इसी निर्णय को देखते हुए सभी क्षेत्रों से सूची तलब की गई है।

प्रमोशन के बाद भी पोस्टिंग नहीं

ऊर्जा संचरण निगम के छह उप महाप्रबंधकों को महाप्रबंधक के पद पर प्रोन्नति के एक माह बीतने के बाद भी पोस्टिंग नहीं दी गई है। 13 जुलाई को छह पदाधिकारियों को उप महाप्रबंधक से महाप्रबंधक के पद पर प्रोन्नति दी गई थी। इसमें शिवशंकर प्रसाद सिंह, प्रवीण कुमार, कुमुद रंजन सिन्हा, उमेश प्रसाद सिंह, अरूण कुमार, संजीव कुमार वर्णवाल शामिल थे।

Edited By: M Ekhlaque