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आम जनता की डाटा की सुरक्षा होगी सख्त, झारखंड के हर विभाग में तैनात होंगे DPO

Published: Sat, 26 Sep 2026 08:31 AM (IST)

झारखंड सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के तहत आम जनता की निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने ...और पढ़ें

आम जनता की निजी जानकारी की सुरक्षा होगी सख्त (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

आम जनता की निजी जानकारी की सुरक्षा होगी सख्त (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. झारखंड के विभागों में डेटा प्रोटेक्शन आफिसर नियुक्त होंगे।

  2. नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

  3. डेटा सुरक्षा पर अधिकारियों के लिए कार्यशाला आयोजित हुई।

राज्य ब्यूरो, रांची। आमलोगों द्वारा सरकारी योजनाओं के लिए साझा की गई निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभागों में डाटा प्रोटेक्शन आफिसर (डीपीओ) की नियुक्ति की जाएगी। आमलोगों की जानकारी सुरक्षित रखने के लिए विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय की गई है। इसके लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 एवं डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स, 2025 बनाया है। 

सरकारी अधिकारियों को डेटा सुरक्षा के लिए तकनीकी तौर पर समृद्ध करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से शुक्रवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

सरकार पर भरोसा कर अपना साझा करते हैं डेटा 

भारत सरकार के इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की संस्था सी-डैक के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में आइटी निदेशक माधवी मिश्रा ने कहा कि इस एक्ट का मूल उद्देश्य नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 

उन्होंने कहा कि लोग सरकार पर भरोसा कर अपना डेटा साझा करते हैं, इस विश्वास की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में प्रगति के साथ नई चुनौतियां भी उभर रही हैं, जिनका प्रभावी ढंग से सामना करना आवश्यक है।

डेटा सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी

कार्यशाला में सी-डैक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मृण्मय दास तथा हैदराबाद से आए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. चास मूर्ति ने डेटा पालिसी और प्राइवेसी गवर्नेंस के अलग-अलग पक्ष की जानकारी दी। विशेषज्ञ वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। साइबर विशेषज्ञों ने कार्यशाला में साइबर जोखिमों और डेटा लीक की चुनौतियों को उदाहरण के साथ बताया। कार्यशाला में अधिकारियों को साइबर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने और डेटा गोपनीयता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई। 

वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल इंडिया के विस्तार के साथ डेटा सुरक्षा कानूनों का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। विभागों को पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा के उच्च मानकों को अपनाना होगा। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, आईटी विशेषज्ञ और प्रशासनिक पदाधिकारी शामिल हुए।

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