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झारखंड में विदेशी साइबर जालसाज़ी का खुलासा, बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर ठगी

Published: Sat, 21 Feb 2026 08:22 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 23 Feb 2026 04:27 PM (GMT+05:30)

झारखंड में विदेशी साइबर अपराधियों के सहयोगी सक्रिय हैं, जो बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देकर साइबर ...और पढ़ें

जमशेदपुर से सरताज आलम नामक एजेंट गिरफ्तार हुआ।

जमशेदपुर से सरताज आलम नामक एजेंट गिरफ्तार हुआ।

HighLights

  1. झारखंड में विदेशी साइबर अपराधियों के सहयोगी सक्रिय।

  2. युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देकर फंसाते।

राज्य ब्यूरो, रांची। विदेश में बैठे साइबर अपराधियों के सहयोगी झारखंड में भी सक्रिय हो चुके हैं। झारखंड के कोडरमा, गिरिडीह के बाद हाल ही में जमशेदपुर के आजाद नगर से सरताज आलम नामक आरोपित एजेंट की गिरफ्तारी इसका प्रमाण हैं।

अब भी डेढ़ दर्जन से अधिक सहयोगी साइबर अपराध थाने की पुलिस के रडार पर हैं, जिनके सत्यापन व तलाशी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

पुलिस ने जांच में पाया है कि विदेशी साइबर अपराधियों के ये एजेंट हैं, जो उनके निर्देशन में झारखंड के बेरोजगार युवकों को विदेश में बेहतर नौकरी का झांसा देकर वहां भेजते हैं और उनसे वहां साइबर अपराध के दलदल में धकेलते हैं।

उनसे वहां डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध कराए जाते हैं। ऐसे एजेंट्स का सर्वाधिक कनेक्शन लाओस, कंबोडिया, थाईलैंड में बैठे साइबर अपराधियों से है।

वहां डाटा एंट्री व कंप्यूटर आपरेटर जैसी नौकरियों के लालच में बेरोजगार युवक इनके झांसे में आ रहे हैं और ऐसे एजेंट्स के झांसे में पड़कर वीजा व टिकट के नाम पर धन भी गंवा रहे हैं और अपराध में भी फंस रहे हैं।

पूर्व में कंबोडिया से मुक्त हुए पीड़ितों ने साइबर अपराध थाने की पुलिस को बयान दिया था कि सिहानौवाइल, कंबोडिया, चियांग राई, थाइलैंड में स्कैम का संचालन हो रहा है।

कोडरमा और गिरिडीह से गिरफ्तार हुए थे एजेंट

सीआईडी के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने की पुलिस ने पूर्व में कोडरमा व गिरिडीह से दो एजेंट को गिरफ्तार किया था।

ये कंबोडिया, लाओस, थाइलैंड में युवाओं को डाटा एंट्री आपरेटर के पद पर नौकरी का झांसा देकर भेजते थे और उनसे साइबर अपराध करवा रहे थे।

पुलिस ने जिन एजेंटों को गिरफ्तार किया था, उनमें झारखंड के गिरिडीह जिले के ईसरी बाजार निवासी वसीम खान व कोडरमा जिले के जयनगर का रहने वाला यमुना कुमार राणा शामिल था।

गिरफ्तार एजेंट कंबोडिया में भारतीय व चीनी नागरिकों के साथ मिलकर ये काम कर रहे थे। वहां पीड़ितों को डरा-धमका कर जबरन साइबर अपराध का काम करने के लिए विवश किया गया था।

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