हजारीबाग, संस। Jharkhand Crime News महाराष्ट्र के नालासोपारा से गिरफ्तार 15 लाख का ईनामी माओवादी कारु उर्फ दीपक यादव बेहद दुर्दांत था। वह कितना खतरनाक था कि इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लातेहार के कटिया जंगल में 2013 में हुए आइडी विस्फोट में शहीद छह में दो जवानों का पेट चीर प्रेशर बम लगाने वालों में यह शामिल था।

कारू यादव उर्फ दीपक पर झारखंड में 39 सहित बिहार में 60 से भी अधिक मामले दर्ज है। इनमें हत्या, अपहरण, लेवी, आगजनी, फायरिंग, पुलिस मुठभेड़ के मामले दर्ज है। 2005 में यह माओवादी में शामिल हुआ और फिर 17 सालों के यात्रा में सामान्य कैडर से इस्टर्न जोन का रिजनल हेड बना। पांच दिनों के ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए कारू यादव से पूछताछ के बाद यह जानकारी एसपी मनोज रतन चोथे ने प्रेसवार्ता के दौरान दी।

15 सालों में हुए सभी घटनाओं में था शामिल

बताया कि राज्य में उतरी छोटानागपुर जोन में पिछले 15 सालों में हुए सभी छोटे बड़े घटनाओं में शामिल था। इनमें गिरिडीह शस्त्रागार लूटकांड तथा बोकारो खास महल कैंप से हथियार लूट प्रमुख है। एसपी ने जानकारी दी कि वह भागने के क्रम में घायल हो गया था और पैर का इलाज महाराष्ट्र में करा रहा था, पुलिस उसके पीछे लगी थी और पुख्ता होते हीं उसे एटीएस महाराष्ट्र की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। प्रेसवार्ता में एसपी के अलावा एसडीपीओ बड़कागांव अमित कुमार सिंह, सीसीआर डीएसपी आरिफ अनवर, कोर्रा थाना प्रभारी उत्तम तिवारी प्रमुख रुप से शामिल थे।

हत्या कर खून पी जाने वाले दुर्दांत कृष्णा यादव को मानता था गुरु, उसी के राह पर चला

जेपीसी उग्रवादी संगठन के सुप्रीमो कलजीत गंझु द्वारा चतरा के पत्थलगड्डा चौक पर माओवादी कृष्णा यादव की हत्या कर दी थी। कहा जाता है कि कृष्णा यादव इतना दुर्दांत था कि वह हत्या के बाद अपने दुश्मनों को खून भी पी जाता था। कारू यादव कृष्णा यादव का हाथ पकड़ कर ही संगठन में आया था और उसे अपना गुरु मानता था। उसकी हत्या के बाद वह कृष्णा यादव के नक्शे कदम पर चलने लगा।

जिसने भी माओवादी से बगावत और पुलिस की मुखिबरी की मार दिया

कारु यादव जमीन विवाद के कारण माओवादी में शामिल हुआ था और अपने दुश्मनों को चुनकर मारा। संगठन में शामिल होने के बाद वह टारगेट किलिंग करने लगा। जिसका ताजा उदाहरण 2021 में पुलिस की मुखबिरी करने वाले चतरा जिला के टंडवा मिश्रौल निवासी मुकेश गिरी की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसी तरह चतरा के पत्थलगड्डा में नागी देवी, ईटखोरी करमा के पुदंरी बाजार में नागेश्वर यादव की हत्या कर दी थी। वहीं केरेडारी में भी एक पूर्व माओवादी को वह छठ के दौरान मौत के घाट उतार दिया था।

चतरा लातेहार और गिरिडीह में खौफ खाते थे लोग, बिहार के गया और औरंगाबाद में भी नाम

इस्टर्न जोन का रिजनल कमांडर बनाए गए कारू यादव संगठन के प्रति निष्ठावान था। सरकार ने उसके खिलाफ 15 लाख रुपये का नगद इनाम जारी किया था। बताया जाता है कि पारसनाथ जोन, कौलेश्वरी जोन और लातेहार के महुआटाड़ जोन में कारू यादव की तूती बोलती थी। उसके एक इशारे पर इन क्षेत्रों में कुछ भी हो सकता था। इसके अलावा कारू यादव का नाम बिहार के औरंगाबाद और गया में भी था। इन जिलों में करीब 25 मामले दर्ज है ।

Edited By: Sanjay Kumar

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