रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज यानी मंगलवार को झारखंड की नई सौर ऊर्जा नीति घोषित करेंगे। इसके तहत सौर ऊर्जा से 4000 मेगावाट बिजली का उत्पादन अगले पांच साल में करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सोलर पार्क, कैनाल टाप सोलर, फ्लोटिंग सोलर जैसी कई योजनाओं के माध्यम से झारखंड में सौर ऊर्जा के विकास के लिए नई नीति बनाई गई है। इसके तहत गिरिडीह को सोलर सिटी बनाने का लक्ष्य है। इसके अलावा धनबाद और दुमका हवाई अड्डे पर 600 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा।

बिजली बिल में छूट

नई नीति में निजी निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, पेमेंट मैकेनिज्म, लैंड बैंक के माध्यम से भूमि व्यवस्था समेत अन्य प्रविधान हैं। समर्पित सौर ऊर्जा सेल, अधिकतम 60 दिनों के अंदर वैधानिक स्वीकृति, 1000 सोलर ग्राम के गठन की योजना, आर्थिक रूप से पिछड़े ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने की योजना की नीति के तहत क्रास सब्सिडी तथा थर्ड पार्टी और कैप्टिव उपयोग में छूट, एक प्रतिशत की दर से 25 वर्ष तक इंडेक्सेशन, बिजली बिल में छूट और पांच वर्ष तक राज्य वस्तु एवं सेवा कर में 100 प्रतिशत की छूट होगी। सरकार इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करेगी।

सोलर पंप सेट वितरण में अग्रणी झारखंड

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद राज्य के किसानों को सिंचाई के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत किसान सोलर वाटर पंपसेट योजना के लिए वेब पोर्टल का उद्घाटन होगा। किसानों के लिए आफ ग्रिड सोलर पंप सेट के लिए करीब 96 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। प्रथम चरण में अब तक करीब 6717 सोलर पंपसेट पूरे राज्य में लग चुके हैं, जिसमें 2020 से वर्ष 2022 तक राज्य भर में 6500 सोलर पंपसेट लगे हैं। सोलर पंपसेट लगाने में झारखंड का पूरे देश में पांचवां स्थान है। दूसरे चरण में राज्य सरकार ने 10 हजार सोलर पंपसेट लगाने का लक्ष्य तय किया है।

Edited By: Sanjay Kumar