रांची, राज्य ब्यूरो। सीएम हेमंत सोरेन को लीज आवंटित करने और उनके भाई बसंत सोरेन के करीबियों के शेल कंपनियों ने निवेश करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी। सीएम हेमंत सोरेन और राज्य सरकार ने याचिका दाखिल कर झारखंड हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है। जिसमें हाई कोर्ट ने इससे संबंधित दोनों याचिकाओं को सुनवाई के लिए योग्य माना है।

अब अदालत इस मामले में मेरिट पर सुनवाई करती है। सरकार और हेमंत सोरेन ने याचिका में कहा गया है कि प्रार्थी ने याचिका में जो आरोप लगाए गए हैं उसका कोई साक्ष्य नहीं है। राजनीतिक कारणों से याचिका दाखिल की गई है। लेकिन हाई कोर्ट ने याचिका को योग्य मानते हुए सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट के आदेश को रद करने और याचिका खारिज करते प्रार्थी पर हर्जाना लगाने की मांग की गई है। उक्त दोनों याचिकाएं प्रार्थी शिवशंकर शर्मा ने दाखिल की है।

सरकार ने दाखिल की हस्तक्षेप याचिका

झारखंड के स्थानिक आयुक्त ने सुप्रीम कोर्ट में एक हस्तक्षेप याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि वह प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार से जुड़े कुछ तथ्य अदालत में रखना चाहते हैं। राजीव कुमार को कोलकाता पुलिस ने 31 जुलाई को शाम एक व्यवसायी से वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल को जनहित याचिका से राहत देने के नाम पर अधिवक्ता राजीव कुमार के 50 लाख रुपये लिए थे। याचिका में उनके गिरफ्तार होने की मीडिया रिपोर्ट और कोलकाता पुलिस की प्राथमिकी भी संलग्न की गई है।

पंकज मिश्रा के सहयोगी बच्चू यादव को भेजा गया जेल

उधर, ईडी की विशेष अदालत में अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले के आरोपित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के करीबी बच्चू यादव को पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया है। ईडी ने उसे छह दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया था। इस दौरान ईडी की ओर से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग नहीं की गई। जिसके बाद कोर्ट ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया। ईडी ने बच्चू यादव को पांच अगस्त को गिरफ्तार किया था। आरोपित की अगली पेशी के लिए 18 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। उसी दिन पंकज मिश्रा की भी कोर्ट में पेशी की जाएगी।

Edited By: M Ekhlaque