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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हेमंत सोरेन ने ACB को दी मंजूरी, जामताड़ा के तत्कालीन सीओ व अन्य के विरुद्ध होगी जांच; जानें, क्या है मामला?

By Jagran NewsEdited By: Sanjay Kumar
Published: Thu, 24 Nov 2022 05:27 PM (IST)Updated: Thu, 24 Nov 2022 05:28 PM (IST)

Jharkhand News जामताड़ा के तत्कालीन अंचलाधिकारी व अन्य पदाधिकारियों-कर्मियों पर अवैध तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री का आरोप है। इस ...और पढ़ें

Jharkhand News: हेमंत सोरेन ने ACB को दी मंजूरी, जामताड़ा के तत्कालीन सीओ व अन्य के विरुद्ध होगी जांच।
Jharkhand News: हेमंत सोरेन ने ACB को दी मंजूरी, जामताड़ा के तत्कालीन सीओ व अन्य के विरुद्ध होगी जांच।

रांची, [राज्य ब्यूरो]। Jharkhand News जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र स्थित बुटकेरिया मौजा में अवैध रूप से जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में अब जामताड़ा की तत्कालीन अंचलाधिकारी हेमा प्रसाद व अन्य के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) धनबाद में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज होगी। एसीबी धनबाद में 30 नवंबर 2017 को दर्ज गोपनीय रिपोर्ट (आइआर) में जांच के दौरान तत्कालीन अंचलाधिकारी की भूमिका सामने आई। इसके बाद एसीबी ने झारखंड सरकार से पीई दर्ज करने के लिए अनुमति मांगी, जिसपर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वीकृति दे दी है।

मिहिजाम थाने में भी 2016 में हुई थी प्राथमिकी दर्ज

इस पूरे प्रकरण में 17 जून 2016 को मिहिजाम थाने में भी प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद पूरे मामले में एसीबी धनबाद ने गोपनीय रिपोर्ट दर्ज कर पूरे मामले की जांच की थी, जिसमें मामला सही पाया है।

आरोपित फरार रहेंगे तो होगी उनके चल-अचल संपत्ति की कुर्की-जब्ती

गोपनीय रिपोर्ट (आइआर) में भ्रष्टाचार की पुष्टि के बाद जामताड़ा की तत्कालीन अंचलाधिकारी हेमा प्रसाद, तत्कालीन अंचल निरीक्षक इस्माईल टुडू व अन्य के विरुद्ध पीई दर्ज करने की अनुमति मुख्यमंत्री से मिलने के बाद अब एसीबी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच शुरू करेगी। एसीबी ने सरकार से अनुमति के लिए जो आवेदन दिया था, उसमें इस बात का जिक्र किया था कि जामताड़ा थाने में मिलजुलकर जालसाजी करने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि उक्त कांड के सभी नौ प्राथमिकी अभियुक्तों के विरुद्ध मामला सही पाया गया है। झारखंड सरकार ने एसीबी धनबाद को यह निर्देश दिया है कि आरोपितों को अविलंब गिरफ्तार करें। फरार रहने की स्थिति में उनकी चल-अचल संपत्ति की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करें और उचित माध्यम से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने से लेकर सुपरविजन में लंबित अन्य अन्य निर्देशो का भी अनुपालन करें।