रांची, राज्य ब्यूरो। Hemant Soren Defamation Case इंटरनेट मीडिया पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने से जुड़े सांसद निशिकांत दुबे के मामले में बुधवार को रांची सिविल कोर्ट में आंशिक सुनवाई हुई। मामले में प्रतिवादी ट्विटर की ओर से अब तक कोई उपस्थित नहीं होने के कारण अगली सुनवाई की तिथि तीन फरवरी निर्धारित की गई। साथ ही, मामले में पेपर पब्लिकेशन करने का आदेश दिया गया। इस मामले में फेसबुक एवं ट्विटर को प्रतिवादी बनाया गया है, लेकिन दोनों को भारतीय कार्यालय का पता दिया गया है। जबकि, दोनों के मूल कार्यालय का पता देने को कहा गया है। अब इस मामले में पेपर पब्लिकेशन के बाद सुनवाई होगी।

मामले की सुनवाई सब-जज वैशाली श्रीवास्तव की अदालत में ऑनलाइन हुई।  वहीं, दूसरी ओर हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल वाद की सुनवाई भी बुधवार को हुई। दोनों मामले में अगली सुनवाई की तारीख तीन फरवरी निर्धारित की गई। बता दें कि इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सीएम ने चार अगस्त 2020 को निशिकांत दुबे के साथ-साथ फेसबुक और ट्विटर के खिलाफ रांची सिविल कोर्ट में दीवानी मुकदमा किया था। सीएम ने तीनों के खिलाफ लगभग 300 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा किया है।

बर्खास्त जेई राम बिनोद सिन्हा की याचिका पर फैसला सुरक्षित

मनी लांड्रिंरग के आरोप में जेल में बंद बर्खास्त जूनियर इंजीनियर राम बिनोद प्रसाद सिन्हा की डिस्चार्ज पीटिशन पर ईडी की विशेष अदालत में बुधवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद ईडी के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत ने 19 जनवरी तक के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया। दरअसल, खूंटी जिला परिषद में पदस्थापित रहते जूनियर इंजीनियर (जेई) राम बिनोद पर 4.57 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लांङ्क्षड्रग करने का आरोप है। राम बिनोद सिन्हा को ईडी ने लॉकडाउन के दौरान कोलकाता से 18 जून को गिरफ्तार किया था। तब से वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में बंद है। उनकी ओर से 8 दिसंबर को अदालत में डिस्चार्ज पीटिशन दाखिल की गई है।

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