झारखंड में मानव संपदा पोर्टल बंद होने से 1000 अफसरों का प्रमोशन रुका, मुख्य सचिव ने बनाई समिति
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने मानव संपदा पोर्टल बंद होने से अधिकारियों की संपत्ति घोषणा और प्रोन्नति में आ रही ...और पढ़ें

समिति में विकास आयुक्त के अलावा राजस्व तथा कार्मिक विभाग के सचिव शामिल।
HighLights
मुख्य सचिव ने मानव संपदा पोर्टल पर समिति गठित की।
पोर्टल बंद होने से अधिकारियों की प्रोन्नति बाधित हो रही।
समिति पोर्टल खोलने के बिंदु पर समीक्षा कर रिपोर्ट देगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के मानव संपदा पोर्टल बंद रहने से अपनी संपत्ति की घोषणा नहीं करने के कारण प्रोन्नति से वंचित होनेवाले पदाधिकारियों की समस्या के समाधान की पहल हुई है।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय समिति से पोर्टल खोले जाने के बिंदु की समीक्षा कर रिपोर्ट मांगी है।इसमें विकास आयुक्त के अलावा कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर भी सम्मिलित हैं।
कार्मिक विभाग द्वारा मानव संपदा पोर्टल बंद किए जाने से राज्य सेवा के करीब एक हजार पदाधिकारी तथा 300 कनीय पुलिस अधिकारी अपनी संपत्ति की घोषणा नहीं कर पा रहे हैं। इससे उनकी प्रोन्नति बाधित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
यह मामला संज्ञान में आने के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कार्मिक विभाग द्वारा पोर्टल नहीं खोले जाने की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बैठक कर इस मामले की समीक्षा करने और उससे संबंधित रिपोर्ट देने को कहा है।
अब संभावना जताई जा रही है कि एक निर्धारित अवधि (करीब एक सप्ताह) के लिए उक्त मानव संपदा पोर्टल को खोला जा सकता है। गौरतलब है कि मानव संपदा पोर्टल प्रत्येक वर्ष जनवरी-फरवरी में खुलता है, जिसपर राज्य सेवा के पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी अपनी संपत्ति की घोषणा करते हैं।
विशेष अभियान में लगे होने के चलते करीब 300 पुलिस अधिकारी अपनी संपत्ति की घोषणा नहीं कर सके हैं। कार्मिक विभाग को उक्त पोर्टल खोलने की अनुशंसा गृह विभाग से भी की गई, लेकिन अभी तक पोर्टल नहीं खोला जा सका। वित्त मंत्री ने भी इसे लेकर कार्मिक सचिव को निर्देश दिए थे।
