रांची, (राज्य ब्यूरो)। Jharkhand News : झारखंड सरकार ने नई पहल की है। झारखंड के विभिन्न जिलों में 14 राइस मिल्स का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज सोमवार को शिलान्यास करेंगे। झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (जियाडा) ने रियायती दर पर राइस मिल खोलने के लिए निवेशकों को किया है प्रोत्साहित। सरकार की इस पहल से किसानों को काफी फायदा होगा।

झारखंड के इन जिलों में खुलेंगे राइस मिल

  • गढ़वा,
  • पलामू,
  • लातेहार,
  • पश्चिमी सिंहभूम,
  • खूंटी,
  • गुमला,
  • सिमडेगा,
  • धनबाद,
  • बोकारो और
  • गोड्डा

युवाओं को मिलेगा रोजगार

राइस मिल खुलने से झारखंड के किसान पहले से ज्यादा धान बेच सकेंगे। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। शिलान्यास कार्यक्रम में वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव भी मौजूद रहेंगे। दोपहर एक बजे प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में यह शिलान्यास समारोह होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसका शिलान्यास करेंगे।

चाकुलिया चावल उत्पादन के लिए रहा है मशहूर

मालूम हो कि झारखंड के किसान बड़े पैमाने पर पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में धान से चावल बनाने के लिए राइस मिलों की मदद लेते रहे हैं। झारखंड में चावल मिल खुल जाने से पलायन रुकेगा। पूर्वी सिंहभूम का चाकुलिया इलाका तो एक जमाने में चावल उत्पादन के लिए पूरे झारखंड में मशहूर था। चाकुलिया में बड़े पैमाने पर चावल मिलें मौजूद थीं। बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने के कारण यह चावल मिलें लगभग बंद सी हो गई हैं। यहां से कभी चावल विदेश तक भेजा जाता था।

2021 में 48 लाख मीट्रिक टन पैदा हुआ धान

मालूम हो कि झारखंड में 2021 के खरीफ मौसम में 48 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार करीब 17.63 लाख हेक्टेयर में धान लगाया गया था। खरीफ में कुल 20.58 लाख हेक्टेयर में खेती हुई थी। पिछले वर्ष 2020 में 49 लाख टन धान का उत्पादन हुआ था। वर्ष 2021 में इस मानसून ने किसानों का साथ दिया था। जून के पहले पखवाड़े से बारिश शुरू हो गयी थी। राज्य में करीब 1300 मिमी बारिश हुई थी।

  • कब कितना पैदा हुआ धान

वर्ष - आच्छादन - उत्पादन

  • 2001 - 15.20 - 27.32
  • 2002 - 13.83 - 20.71
  • 2003 - 13.63 - 23.10
  • 2004 - 12.76 - 19.84
  • 2005 - 13.54 - 15.50
  • 2006 - 15.23 - 29.67
  • 2007 - 16.43 - 33.00
  • 2008 - 16.70 - 34.00
  • 2009 - 9.77 - 14.70
  • 2010 - 7.17 - 11.76
  • 2011 - 14.69 - 46.95
  • 2012 - 14.14 - 39.92
  • 2013 - 12.55 - 36.37
  • 2014 - 15.01 - 43.69
  • 2015 - 15.88 - 24.69
  • 2016 - 17.14 - 48.69
  • 2017 - 17.35 - 51.31
  • 2018 - 15.27 - 28.94
  • 2019 - 13.57 - 36.12
  • 2020 - 17.50 - 49.57
  • 2021 - 17.63 - 48.00

(नोट : आच्छादन : लाख हेक्टेयर व उत्पादन लाख टन में)

Edited By: Sanjay Kumar