रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड सरकार की प्रमुख वेबसाइट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छाए हुए हैं। मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही झारखंड सरकार व आइपीआरडी की वेबसाइट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की फोटो अपलोड कर दी गई है। इससे पूर्व यहां पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की फोटो हुआ करती थी, जो झारखंड विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद हटा दी गई थी।

पत्नी कल्पना ने हेमंत को कहा, 'ऑल द बेस्ट'

हेमंत सोरेन के झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर उनकी पत्नी कल्पना सोरेन काफी खुश हैं। एक बजे के करीब एटीआई स्थित आवास से वह हेमंत सोरेन के साथ शिबू सोरेन के मोरहाबादी मैदान स्थित आवास पहुंचीं। हेमंत स्वयं गाड़ी चला रहे थे और कल्पना उनके बगल की सीट पर विराजमान थीं। उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आए अतिथियों के साथ भी मंच साझा किया। मीडिया से बातचीत के क्रम में उन्होंने नई सरकार को शुभकामनाएं दीं। साथ ही हेमंत सोरेन के लिए 'ऑल द बेस्ट' कहा।

हर सेक्टर में हो विकास, आधी आबादी को भी आस

सरकार से उम्मीद के संदर्भ में पूछे जाने पर कल्‍पना सोरेन ने दो टूक कहा, महागठबंधन की सरकार जनभावनाओं के अनुरूप चलेगी, उन्हें पूरा भरोसा है। हर सेक्टर का विकास हो और यह सरकार हर तबके की अपेक्षाओं पर शत फीसद खरा उतरे, उनकी अपेक्षा है। आधी आबादी के संदर्भ में इस सरकार से उनकी अपेक्षा से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर सेक्टर में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। उन्हें भी इस सरकार से आस है। उनपर फोकस किया जाना चाहिए।

लंच में बदला राजभवन का हाई टी

शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजभवन में लंच का आयोजन किया गया। हालांकि, पूर्व में हाई टी प्रस्तावित था, जो बाद में लंच में बदल गया। इसमें राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम तथा सत्यानंद भोक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक सरयू राय, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, बिहार के पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी, ओडिशा के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निरंजन पटनायक, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय के अलावा राज्य के कई आइएएस व आइपीएस पदाधिकारी शामिल हुए। राजभवन के अशोक उद्यान में आयोजित इस लंच में केवल शाकाहारी व्यंजन की व्यवस्था थी।

पटाखों ने उड़ाई परिंदों की चैन

हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनके समर्थकों ने आतिशबाजी शुरू कर दी। पटाखे मोरहाबादी मैदान स्थित शिबू सोरेन के आवास के समीप और मुख्य मंच के दाहिने ओर छोड़े गए। समर्थकों ने जैसे ही आतिशबाजी शुरू की, मैदान के इर्द-गिर्द मौजूद सैकड़ों पेड़ों पर बसेरा डाले परिंदों की चैन हराम हो गई। देखते ही देखते मुख्य मंच और पंडालों के ऊपर हजारों परिंदे मंडराने लगे।

आरपीएन रहे सर्वाधिक सक्रिय

झारखंड के कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह पूरे शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सर्वाधिक सक्रिय रहे। शपथ ग्रहण से तकरीबन पौन घंटे पहले पहुंचे आरपीएन राहुल गांधी  के आने के बाद और भी सक्रिय हो गए। हेमंत सोरेन जब मंत्रियों, विधायकों और अन्य अतिथियों से उनका परिचय करा रहे थे, आरपीएन उनके साथ-साथ कदमताल करते रहे।

राष्ट्रगान से शुरू, राष्ट्रगान से संपन्न

शपथ ग्रहण समारोह का पूरा आयोजन राष्ट्रगान से शुरू और राष्ट्रगान से ही संपन्न हुआ। राज्यपाल 2:15 बजे जैसे ही मंच पर पहुंची, मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने समारोह शुरू करने की इजाजत राज्यपाल से मांगी। फिर उन्हीं की इजाजत से पौने तीन बजे के करीब समारोह समाप्ति की घोषणा की गई। दोनों ही मौकों पर राष्ट्रगान का आयोजन हुआ।

आइएएस, आइपीएस को धूप ने किया बेचैन

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आइएएस) के अफसरों के लिए बनाई गैलरी तेज धूप के जद में रही। अफसर चेहरे पर पड़ रही सीधी धूप से बचने की कोशिश करते देखे गए। किसी ने कैप का सहारा ले रखा था, तो कुछ ने अखबार और कुछ ने हाथ को ढाल बना रखा था। 

शपथ ग्रहण समारोह के लिए बनाए गए थे तीन अलग-अलग मंच

रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के मुख्य आकर्षण के केंद्र तीन अलग-अलग मंच थे। हालांकि, तीनों मंच एक-दूसरे से जुड़े थे। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने बीच वाले मंच पर मुख्यमंत्री व तीन मंत्रियों को शपथ दिलाई। वहीं, बायीं तरफ के मंच पर सत्ताधारी महागठबंधन के विधायकों को जगह दी गई। उन विधायकों में झामुमो समेत कांग्रेस के विधायक भी नजर आए। दाहिनी तरह स्थित मंच पर अतिथियों को जगह दी गई थी। इसमें राज्य के बाहर से आने वाले अतिथियों के अलावा राज्य के बड़े नेताओं को जगह दी गई थी। इस मंच की पहली पंक्ति में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, राजद नेता तेजस्वी यादव आदि को जगह दी गई थी।

पंडाल में हेमंत के ही कट आउट, झामुमो-कांग्रेस के झंडे

पंडाल में हेमंत सोरेन के ही कट आउट कई जगहों पर लगाए गए थे। वहीं, पूरे पंडाल में झामुमो और कांग्रेस के झंडे लहराते रहे। सबसे अधिक झंडे झामुमो के ही थे।

बाहर से आनेवाले अतिथियों के भी कट आउट

रांची एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक की सड़कों पर शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने वाले नामीगिरामी अतिथियों के कट आउट उनके स्वागत के रूप में लगाए गए थे। हालांकि, उनमें से कुछ पहुंच नहीं पाए। सड़क की दोनों ओर ऐसे कट आउट लगाए गए थे।

Posted By: Alok Shahi

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