यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Politics: हेमंत सरकार ने बुलाई टीएसी की बैठक, राज्यपाल ने बताया था असंवैधानिक
Hemant Soren News मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को प्रोजेक्ट भवन सभागार में होगी बैठक। राज्यपाल ने टीएसी ...और पढ़ें

रांची, राज्य ब्यूरो। राज्य में जनजातीय परामर्शदातृ परिषद (Tribal Advisory Council) को लेकर राजभवन और राज्य सरकार के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ सकता है। राज्यपाल रमेश बैस ने टीएसी के गठन संबंधित नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए उनमें बदलाव के निर्देश राज्य सरकार को दिए थे। राज्य सरकार ने उसमें कोई बदलाव तो नहीं किया। अब टीएसी की बैठक भी बुला ली गई है। यह बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन सभागार में होगी।राज्यपाल ने नियमावली से संबंधित नियमावली मंगाकर उसपर कानूनी सलाह लेने के बाद राज्य सरकार को वापस लौटा दी थी।
राजभवन से दो मनोनित सदस्य रखने का नियम
उन्होंने गठित नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए कहा था कि टीएसी के गठन में कम से कम दो सदस्यों का मनोनयन राजभवन से अनिवार्य रूप से हाेना चाहिए। वर्तमान में गठित टीएसी में ऐसा नहीं किया गया। साथ ही पांचवीं अनुसूची के तहत नियमावली पर भी उनकी स्वीकृति जरूरी थी। बताया जाता है कि राज्य सरकार द्वारा इसपर राजभवन को कोई जवाब नहीं दिया गया। गौरतलब है कि टीएसी के गठन का विवाद तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के समय से ही चल रहा है।
राज्यपाल ने सदस्यों का आचरण प्रमाणपत्र मांगा था
दरअसल, तत्कालीन राज्यपाल के रूप में द्रौपदी मुर्मू ने मनोनीत किए गए सदस्याें के आचरण का प्रमाण पत्र मांगा था। साथ ही राजभवन से दो सदस्यों के मनोनयन नहीं होने पर सवाल उठाया था। इस बीच राज्य सरकार ने टीएसी के गठन को लेकर नई नियमावली गठित कर दी। साथ ही नई नियमावली की फाइल राजभवन की स्वीकृति के लिए नहीं भेजी गई। नई नियमावली में अब टीएसी के गठन और सदस्याें की नियुक्ति में राज्यपाल के पास काेई अधिकार नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति से ही सदस्यों की नियुक्ति हो रही है। राज्य सरकार द्वारा कहा गया कि नई नियमावली छत्तीसगढ़ की तर्ज पर बनाई गई जहां सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार मुख्यमंत्री का है।
टीएसी के पदाधिकारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अध्यक्ष, सदस्यों में स्टीफन मरांडी, नीलकंठ सिंह मुंडा, बाबूलाल मरांडी, सीता सोरेन, दीपक बिरूआ, चमरा लिंडा, कोचे मुंडा, भूषण तिर्की, सुखराम उरांव, दशरथ गगराई, विकास कुमार मुंडा, नमन विक्सल कोनगाड़ी, राजेश कच्छप, सोनाराम सिंकू, शिल्पी नेहा तिर्की (सभी विधायक), विश्वनाथ सिंह सरदार और जमल मुंडा (दोनों मनोनीत)।
