रांची, डिजिटल डेस्क। हम आपको झारखंड के एक ऐसे जिले की कहानी बता रहे हैं, जो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो कभी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की वजह से चर्चा में रहा है। देश के बड़े नेताओं की छाते वाली तस्वीरें वायरल होने के बाद एक बार फिर इस इलाके का नाम लोगों की जुबान पर है। हम बात कर रहे हैं झारखंड के कोल्हान प्रमंडल के मुख्यालय चाईबासा की। जहां गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यक्रम में छाते की तस्वीरें सामने आईं थीं। इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर एक बार फिर चाईबासा की खोज हो रही है। यह पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित है।

लालू प्रसाद यादव से जुड़े चारा घोटाले के मामले पैसे की निकासी चाईबासा के कोषागार से की गई थी। जांच में इसका खुलासा होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री पर केस दर्ज किया गया। इसके अलावा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव प्रसार के दौरान नरेंद्र मोदी ने चाईबासा में अपनी सभा के दौरान पहली बार खुद को चाय वाला कहा था। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए जनता के साथ अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा था : मैं चाय वाला, आप चाईबासा वाले।

इसके बाद जनता में मोदी की चाय बेचने वाली कहानी चर्चा में आ गई। यह इलाका घोर नक्सल प्रभावित रहा है। इसमें माओवादी व पीएलएफआई के दस्ते सक्रिय रहे हैं। घपले-घोटाले के आरोपों के कारण चर्चा में रहे झारखंड के पहले निर्दलीय मुख्यमंत्री रहे मधु कोड़ा का विधानसभा क्षेत्र जगन्नाथपुर भी चाईबासा के अंतर्गत ही आता है। मधु कोड़ा पर मुख्यमंत्री रहते हुए कोल माइंस आवंटन में अनियमितता के आरोप लगे थे। वर्तमान में मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा कांग्रेस पार्टी से चाईबासा लोकसभा क्षेत्र की सांसद हैं।

Edited By: Vikram Giri