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SIR: बुजर्गों और महिलाओं का बिना दस्तावेज के भी बनेगा वोटर कार्ड, चुनाव आयोग ने बताया नाम जोड़ने का नया तरीका

Published: Sun, 20 Sep 2026 09:43 AM (IST)

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग न करने का निर्देश दिया है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के क्रम में चल रही सुनवाई के दौरान मतदाताओं से किसी विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जानी है।

पहले से उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर पात्रता की जांच करते हुए नियमानुसार स्पीकिंग आर्डर पारित किया जा सकता है। उन्होंने फार्म-6 के माध्यम से प्राप्त नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी ईआर एवं एईआरओ को निर्देश दिया कि बीएलओ के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करें तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि पुनरीक्षण से संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि ईएलसी-2.0 के तहत 19 एवं 20 नवंबर को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है।

ऐसे प्रश्नों पर किया शंकाओं का समाधान

एक व्यक्ति जिसका जन्म 1934 में हुआ है एवं उसके पास अपना कोई दस्तावेज नहीं है, ऐसे में क्या करें?

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा ऐसे वृद्ध मतदाताओं का उनके बच्चों अथवा नाती पोते से जो पात्र भारतीय नागरिक है से रिवर्स पैरेंटल लिंकेज करते हुए उनका मतदाता सूची में नाम जुड़वाएं।

यदि कोई महिला मतदाता अपने ससुराल में रह रही है और उसके पास कोई दस्तावेज नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में क्या करें?

महिला मतदाताओं के सत्यापन के लिए उनके माता पिता से मैपिंग ही मान्य है। ऐसे मतदाताओं का यदि वो पात्र भारतीय नागरिक हैं, तो उनके माता पिता अथवा भाई बहन द्वारा मतदात सूची में समर्पित किए जा रहे मान्य दस्तावेज को संकलित करते हुए ऐसे पात्र भारतीय महिला मतदाताओं का मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाए।

मतदाताओं द्वारा मुखिया स्तर पर वंशावली समर्पित किए जा रहें है, क्या ये मान्य हैं?

केवल सक्षम पदाधिकारियों/अंचल अधिकारी के स्तर पर जारी किए हुए वंशावली अथवा किसी प्रकार के पारिवारिक सूची ही मान्य है।

 

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