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रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड कैडर के 1982 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजीव गौबा केंद्र सरकार में नए कैबिनेट सचिव होंगे। बुधवार को उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। उनकी नियुक्ति इस माह की 30 तारीख अथवा योगदान देने की तिथि से प्रभावी होगी। राजीव गौबा झारखंड के मुख्य सचिव के पद पर भी रहे चुके हैं। उन्होंने बिहार और झारखंड में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। ज्यादा वक्त वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे हैं।

जम्‍मू कश्‍मीर रिऑर्गेनाइजेशन बिल के प्रमुख शिल्‍पकार माने जाते हैं राजीव गौबा
राजीव गौबा जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के तहत राज्य को दिए गए विशेष दर्जा हटाने के बाद दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के जम्‍मू कश्‍मीर रिऑर्गेनाइजेशन बिल के प्रमुख शिल्‍पकारों में शुमार हैं। उन्‍हें जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के साथ ही केंद्र, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में नीति निर्माता सरीखे वरिष्ठ पदों पर काम करने का व्यापक अनुभव हासिल है।

पंजाब में जन्मे, पटना विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक
राजीव गौबा का जन्‍म पंजाब में हुआ है। उन्‍होंने पटना विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक किया है। उन्होंने चार साल तक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत का प्रतिनिधित्व किया। बतौर केंद्रीय गृह सचिव गौबा ने आंतरिक सुरक्षा, जम्मू- कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद, मध्य और पूर्वी भारत में नक्‍सलवाद के अलावा अन्य म‍हत्‍वपूर्ण मसलों की जिम्‍मेवारी संभाली है। वे 2016 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पहले 15 महीने तक झारखंड के मुख्य सचिव रहे।

गृह सचिव से बने कैबिनेट सचिव
केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा को अगले कैबिनेट सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 2 साल का होगा। वे शुरू में कैबिनेट सचिवालय में ओएसडी के रूप में जगह लेंगे। उसके बाद वे वर्तमान कैबिनेट सचिव पीके सिन्‍हा से देश के शीर्ष नौकरशाही पद का कार्यभार संभालेंगे। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने राजीव गौबा को कैबिनेट सचिव के रूप में पदभार ग्रहण करने की तारीख से कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्य पदाधिकारी के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।

राजीव गौबा को लंबा प्रशासनिक अनुभव
साठ वर्षीय राजीव गौबा को लंबा प्रशासनिक अनुभव हासिल है। उन्‍होंने 31 अगस्त, 2017 को गृह सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया था। वे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव समेत कई जिम्‍मेवार पदों पर वे रह चुके हैं। गृह विभाग में गौबा नक्‍सलवाद, वामपंथी उग्रवाद के महत्‍वपूर्ण मामलों को भी संभालते थे।

Posted By: Alok Shahi

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