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झारखंड बजट 2026-27: महिला किसान योजना, 100 सीएम स्कूल और PESA लागू; 'अबुआ दिशोम’ बजट की बड़ी घोषणाएं

Published: Tue, 24 Feb 2026 01:02 PM (IST)

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 2026-27 का 'अबुआ दिशोम बजट' पेश किया। इसमें शिक्षा के लिए 100 सीएम ...और पढ़ें

शिक्षा, किसान और पेसा अधिनियम पर जोर, 'अबुआ दिशोम' की नई दिशा।

शिक्षा, किसान और पेसा अधिनियम पर जोर, 'अबुआ दिशोम' की नई दिशा।

HighLights

  1. 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और 5 बालिका विद्यालय।

  2. महिला किसान खुशहाली योजना हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान।

डिजिटल डेस्क, रांची। झारखण्ड के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में पेश किए गए इस बजट को 'अबुआ दिशोम बजट' का नाम दिया गया है।

बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को श्रद्धांजलि अर्पित की। किसी के पैरों में गिरकर बेहतर है अपने पैरों पर चलकर कुछ पाएं।

शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं

राज्य सरकार ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) संचालित करने का लक्ष्य रखा है।

इसके साथ ही, बालिकाओं को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 5 नए झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। ये विद्यालय धनबाद (2), पलामू, लातेहार और गढ़वा में स्थापित किए जाएंगे। शहीदों के आश्रितों के लिए भी एक विशेष आदर्श विद्यालय के संचालन की योजना बजट में शामिल है।

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कृषि और महिला किसान खुशहाली योजना

किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार ने 'महिला किसान खुशहाली योजना' की शुरुआत की है।

इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को एकीकृत खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। बजट में बताया गया कि राज्य में कृषि क्षेत्र में रोजगार की भागीदारी 44.3% से बढ़कर 50.4% हो गई है।

पंचायत और स्थानीय निकाय

राज्य में 2 जनवरी 2026 से पेसा (PESA) अधिनियम लागू कर दिया गया है। इससे ग्राम सभाओं को बालू घाटों के प्रबंधन और स्थानीय विकास योजनाओं के चयन में सीधे अधिकार प्राप्त हुए हैं।

पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को मानते हुए स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध स्व-कर राजस्व का 4% हिस्सा देने का निर्णय लिया गया है।

केंद्र सरकार पर बकाया का मुद्दा

वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य को केंद्रीय करों की हिस्सेदारी और अनुदान मद में लगभग 16,000 करोड़ रुपये प्राप्त नहीं हुए हैं।

इसके अतिरिक्त, कोल कंपनियों के पास बकाया 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की राशि अब तक राज्य को नहीं मिली है, जो झारखण्ड के विकास में एक बड़ी बाधा है।

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वैश्विक पहचान और अन्य घोषणाएं

बजट में जानकारी दी गई कि झारखण्ड ने पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) 2026 में हिस्सा लिया, जिससे राज्य को ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन और खनिज विकास के लिए वैश्विक स्तर पर निवेश के अवसर मिलेंगे।

सरकार ने सर्वजन पेंशन योजना और मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
वित्त मंत्री ने इस बजट को राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताया है, जिसमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया गया है।