यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ED Raid on Pooja Singhal IAS: झारखंड की आइएएस पूजा सिंघल के ठिकानों पर ED की छापेमारी, 20 करोड़ नकदी बरामद VIDEO
Jharkhand Breaking News अवैध खनन मामले में झारखंड की वरिष्ठ आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल व उनसे जुड़े 20 ठिकानों पर ...और पढ़ें

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Breaking News अवैध खनन मामले में झारखंड की वरिष्ठ आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल व उनसे जुड़े व्यक्तियों के 25 ठिकानों पर शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने एक साथ छापेमारी शुरू कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये ठिकाने झारखंड के रांची, खूंटी, राजस्थान के जयपुर, हरियाणा के फरीदाबाद व गुरुग्राम, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, बिहार के मुजफ्फरपुर व दिल्ली एनसीआर में हैं। अभी मिली जानकारी के अनुसार पूजा सिंघल के सीए सुमन सिंह के आवास से भारी मात्रा में नकदी (करीब 25 करोड़) बरामद होने की सूचना है। जानकारी ये भी है कि बरामद नकदी की गिनती के लिए मशीन मंगाई गई है। ये पैसे इनके चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) के यहां से मिली है।
रांची में कांके रोड के चांदनी चौक स्थित पंचवटी रेजिडेंसी के ब्लाक नंबर नौ, लालपुर के हरिओम टावर स्थित नई बिल्डिंग, बरियातू के पल्स अस्पताल में छापेमारी की जानकारी मिली है। आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के सरकारी आवास पर भी छापेमारी की सूचना है। जानकारी के अनुसार कारोबारी अमित अग्रवाल के ठिकानों पर भी छापेमारी की सूचना मिल रही है। बता दें कि अमित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का करीबी बताया जाता है। इस पूरे प्रकरण पर प्रवर्तन निदेशालय की अधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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पल्स हॉस्पिटल में छापेमारी।

पूजा सिंघल का आवास।
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पूजा सिंघल के आवास पर ईडी की टीम।

पूजा सिंघल के कांके स्थित पंचवटी सोसाइटी का फ्लैट, यहां जोमैटो के जरिये खाना मंगा रहे ईडी के अधिकारी।
पूजा सिंघल के ससुर कामेश्वर झा के मुजफ्फरपुर स्थित मकान पर भी छापेमारी
मिली जानकारी के अनुसार पूजा सिंघल के मुजफ्फरपुर स्थित मिठनपुरा ठिकाने भी पर ईडी की छापेमारी चल रही है। यह मकान पूजा सिंघल के ससुर कामेश्वर झा का है। वे भी बिहार सरकार में पदाधिकारी थे। उनके पुत्र अभिषेक झा से पूजा सिंघल ने दूसरी शादी की है।
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मुजफ्फरपुर स्थित पूजा सिंघल के ससुर कामेश्वर झा का मकान।
पूजा सिंघल के पति के आवास पर भी छापा
आइएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक के आवास पर भी ईडी ने छापेमारी की है। बता दें कि आइएएस अधिकारी राहुल पुरवार से तलाक के बाद पूजा सिंघल ने अभिषेक से शादी की थी। अभिषेक के रांची में रातू रोड स्थित एक ठिकाने पर ईडी के अधिकारी जांच कर रहे है। ईडी ने छापेमारी में उनके घर से दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके बाद अधिकारी दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचने लगे।
डा. निशिकांत दुबे ने भी ट्वीट कर दी जानकारी
गोड्डा के सांसद डा. निशिकांत दुबे ने भी शुक्रवार की सुबह-सुबह ट्वीट कर पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट में आरोप लगाया है कि पूजा सिंघल ने मुख्यमंत्री, उनके भाई, गुर्गों आदि को कौड़ी के भाव में खान आवंटित किया। आखिर, उनके यहां ईडी का छापा पड़ ही गया जो देश में 20 ठिकानों पर चल रहा है। यह छापेमारी रांची, दिल्ली, राजस्थान, मुंबई में चल रही है।
झारखंड सरकार यानि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के नाक की बाल पूजा सिंघल जी,जिन्होंने मुख्यमंत्री,भाई,गुर्गों व दलालों को कौड़ी के भाव खान आवंटित किया ,आख़िर उनके यहाँ ED का छापा 20 जगह पर चल रहा है, यह छापा राँची,दिल्ली,राजस्थान,मुम्बई में जारी है
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) May 6, 2022
ईडी ने हाई कोर्ट में शपथ पत्र के माध्यम से दी थी जानकारी, पूजा सिंघल के सभी मामलों की हो रही जांच
ईडी ने मनरेगा घोटाले के एक मामले में झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर पूरे मामले की जानकारी से संबंधित शपथ पत्र दायर की थी। ईडी ने शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया था कि झारखंड के खूंटी जिले में मनरेगा में 18.06 करोड़ रुपये के घोटाले के वक्त वहां की उपायुक्त पूजा सिंघल थी। इस मामले में वहां के कनीय अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे, जिन्होंने ईडी को दिए अपने बयान में यह स्वीकार किया था कि कमीशन की राशि उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचती थी। ईडी ने चतरा और पलामू के भी दोनों मामलों की चल रही जांच की जानकारी अपने शपथ पत्र के माध्यम से हाई कोर्ट को दी थी।
शपथ पत्र में बताया था कि पूजा सिंघल चतरा जिले में अगस्त 2007 से जून 2008 तक उपायुक्त के पद पर तैनात थीं। आरोप है कि उन्होंने दो एनजीओ को मनरेगा के तहत छह करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया था। इन दोनों एनजीओ में वेलफेयर पाइंट और प्रेरणा निकेतन शामिल है। उक्त राशि मूसली की खेती के लिए आवंटित की गई थी। जबकि इस तरह का कोई कार्य वहां नहीं हुआ था, जिसकी जांच अभी जारी है।
इसके अलावा पलामू जिला में उपायुक्त रहते हुए पूजा सिंघल पर यह आरोप है कि उन्होंने करीब 83 एकड़ जंगल भूमि को निजी कंपनी को खनन के लिए ट्रांसफर किया था। यह कठौतिया कोल माइंस से जुड़ा मामला है। ईडी ने कोर्ट को बताया था कि इस मामले की भी जांच जारी है।
