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झारखंड में छात्रों पर FIR के विरोध में भाजपा का बड़ा आंदोलन, 8 से 11 सितंबर तक डीसी-एसपी कार्यालयों का घेराव

Published: Fri, 04 Sep 2026 05:55 PM (IST)

भाजपा ने छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर झारखंड के ...और पढ़ें

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा, छात्रों के साथ न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी है पार्टी।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा, छात्रों के साथ न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी है पार्टी।

HighLights

  1. भाजपा 8 से 11 सितंबर तक करेगी डीसी-एसपी कार्यालयों का घेराव।

  2. छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापसी और सीबीआई जांच की मांग।

  3. झारखंड के सभी 24 जिलों में होगा यह राज्यव्यापी प्रदर्शन।

राज्य ब्यूरो, रांची। छात्रों पर दर्ज एफआइआर को वापस करने समेत पिछले सात साल में सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने व अन्य मांगों को लेकर राज्य सरकार को दिए गए अपने 48 घंटे के अल्टीमेटम पूरा होने के बाद भाजपा ने सभी जिलों में आंदोलन की घोषणा की है।

निर्धारित तिथि पर जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन के साथ एसपी और डीसी कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है। शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने इसकी घोषणा की।

आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन दिया था। इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई अब भाजपा कार्यकर्ता लगातार चार दिनों तक सभी 24 जिलों में प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का घेराव कर छात्रों की आवाज बुलंद करेंगे।

प्रतिदिन 6 जिलों में घेराव कार्यक्रम किया जाएगा। भाजपा हर कदम पर छात्रों के इस न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी रहेगी। कार्यक्रम की शुरुआत 8 सितंबर से होगी।

8 को रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा जिले में, 9 सितंबर कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा जिले में, 10 सितंबर को सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा जिले में जबकि 11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा जिले में यह कार्यक्रम तय किया गया है।

साहू ने कहा कि दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों के छात्र आंदोलनों की तुलना में झारखंड के छात्रों ने मिसाल कायम किया है। वहीं दिल्ली के आंदोलन को पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे कांग्रेस के इशारे पर देश के प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया गया। लेकिन झारखंड में किसी छात्र ने किसी को गाली नहीं दी। फिर भी यह 1000 छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया गया।

उन्होंने कहा कि पुलिस रात के अंधेरे में छात्रों के घर पर दस्तक देकर भय का माहौल बना रही है। कोचिंग संचालकों को डराया धमकाया जा रहा है। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झामुमो की सरकार ने नौकरियों को बेचने का काम किया है।

भाजपा के अल्टीमेटम के 48 घंटे पूरे भी नहीं हुए और कांग्रेस, झामुमो एवं आरजेडी के लोग मुख्य सचिव के पास पहुंच गए। अगर इन नेताओं को जाना ही था तो मुख्यमंत्री के पास जाते। लगता है सीएम पर इन नेताओं का भरोसा खत्म हो चुका है।