चाईबासा, जागरण संवाददाता। भारतीय जनता पार्टी के नेता व चाईबासा सदर के पूर्व विधायक पुत्कर हेंब्रम की दूसरी पत्नी मलाया हेंब्रम को अदालत ने नकली नोट का धंधा करने और जानलेवा हमले से जुड़े मामले में दोषी करार देने के बाद बुधवार को सजा सुनाई। बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सूर्य भूषण ओझा की अदालत ने उसे अलग-अलग धाराओं में चार साल की सजा सुनाई। साथ ही 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मुफस्सिल थाना की पुलिस ने मलाया हेंब्रम को 12 अक्टूबर 2020 को गिरफ्तार किया था।

घर से मिले थे जाली नोट, ऐसे पकड़ी गई मलाया

कार्रवाई के क्रम में उसके घर से दो हजार रुपये नकद के 15 व 500 रुपये का एक नकली नोट बरामद हुए थे। उसके खिलाफ मुफस्सिल थाना अंतर्गत महुलसाई स्थित मेन रोड के किनारे सब्जी बाजार में खुदरा कपड़ा विक्रेता जयंती देवगम ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि मलाया हेम्ब्रम उसकी दुकान पर आईं और नाइटी, फ्राक, साया आदि खरीदने के बाद 2000 रुपये का नोट दिया। इसमे उसने 1600 रुपये काटकर 400 रुपये मलाया को लौटा दिए । दूसरे दिन 11 अक्टूबर को वह कैश डिपोजिट मशीन में वह दो हजार रुपये का नोट जमा करने गई तो मशीन ने उक्त नोट को रिजेक्ट कर दिया। दूसरे दिन बाजार में मलाया को रोककर यह बात बताई तो वह स्कूटी से भागने का प्रयास करने लगी। रोकने के क्रम में उसने चाकू निकाल कर उसकी देवरानी रुई बारी देवगम पर हमला कर दिया। मामला थाना पहुंचने के बाद नकली नोट के अवैध धंधे का पुलिस ने पर्दाफाश किया था।

पूर्व विधायक गुरुचरण नायक को भी एक वर्ष सजा

उधर, पश्चिमी सिंहभूम जिले के ही मनोहरपुर के घाघरा में यात्री ट्रेनों के ठहराव को लेकर किये गये रेल चक्का जाम के मामले में बुधवार को चाईबासा के एमपी-एमएल न्यायालय में सुनवाई पूरी हो गई। एमपी-एमएलए न्यायालय के न्यायाधीश ऋषि कुमार ने सारे सबूतों व प्रस्तुत किये गये गवाहों के बयान के आधार पर पूर्व विधायक गुरुचरण नायक, इंद्रजीत सामड, अमित अंगरिया व दशरथ पुरती को दोषी ठहराते हुए एक-एक साल की सजा सुनाई है। गुरुचरण नायक ने बताया कि 30 अक्टूबर 2012 को घाघरा हाल्ट के पास नया रेलवे स्टेशन बनाने और यात्री ट्रेन के ठहराव को लेकर रेल चक्का जाम किया गया था। चक्का जाम के कारण रेल यातायात प्रभावित हो गया था। उस मामले में हम लोगों के खिलाफ रेलवे की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में बुधवार को हम लोगों को एक-एक साल की सजा सुनाई गई है। इस फैसले के खिलाफ हम लोग जिला जज के न्यायालय में अपील करेंगे। सजा के बाद हम लोगों ने तुरंत जमानत ले ली है। गुरुचरण नायक ने बताया कि हम लोगों ने जिस मांग को लेकर आंदोलन किया था, बाद में वह पूरी भी हो गई। घाघरा में रेलवे स्टेशन भी बन गया है और यात्री ट्रेनों का ठहराव भी हो रहा है।

Edited By: M Ekhlaque