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भाजपा में जयराम महतो इफैक्ट: कुड़मी नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी, ओबीसी वोटबैंक साधने की रणनीति

Published: Sun, 13 Sep 2026 08:00 AM (GMT+05:30)

भाजपा झारखंड में अपने आधार वोटबैंक को बढ़ाने के लिए ओबीसी समुदाय, विशेषकर कुड़मी समाज को संगठन में अहम प्रतिनिधित्व ...और पढ़ें

ओबीसी मोर्चा की कमान पहली बार कुड़मी समुदाय के मनोज महतो को मिला।

ओबीसी मोर्चा की कमान पहली बार कुड़मी समुदाय के मनोज महतो को मिला।

HighLights

  1. ओबीसी मोर्चा की कमान मनोज महतो को मिली।

  2. प्रदेश की मुख्य टीम में दो कुड़मी नेता शामिल।

  3. जयराम महतो के उभार से चिंतित भाजपा की रणनीति।

राज्य ब्यूरो, रांची। भारतीय जनता पार्टी अपने आधार वोटबैंक को बढ़ाने के लिए ओबीसी समुदाय की प्रमुख जातियों को संगठन में प्रतिनिधित्व दे रही है। पहली बार कुड़मी समुदाय के नेता को ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

मनोज महतो को ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि प्रदेश की मुख्य कमेटी में भी कुड़मी समुदाय के दो नेताओं का रखा गया है। प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो कुड़मी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं और समाज के सामने मजबूती से पार्टी की बात रखते हैं।

कुड़मी समुदाय के वोट के लिए भाजपा अपने सहयोगी दल आजसू पर अबतक निर्भर रहती आई है। इसके अलावा जयराम महतो के राजनीतिक उभार से भी कुड़मी समुदाय की राजनीति से भाजपा की दूरी हुई थी।

अब इस अंतर को पाटने के लिए भाजपा अपने नेताओं को आग बढ़ा रही है। इसके अलावा कोल्हान से लेकर धनबाद के कोयलांचल तक जिला कमेटियों में भी कुड़मी नेताओं को दस प्रतिशत तक प्रतिनिधित्व दिया गया है। प्रदेश की मुख्य कमेटी में आभा महतो और कृष्णा महतो शामिल हैं। बता दें कि हाल के दिनों में कुड़मी प्रतिनिधित्व को कांग्रेस और जेएमएम ने भी बढ़ाया है। 

ओबीसी में वैश्य के बाद यादव और कुड़मी सबसे महत्वपूर्ण

राज्य में ओबीसी समुदाय के बाच भारतीय जनता पार्टी का आधार वोट बैंक वैश्यों का है। पिछली दो बार से ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी यादव समुदाय को दी जाती रही है। इसके अलावा अन्नपूर्णा देवी को केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया है।

ओबीसी समुदाय में कुड़मी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी देकर भाजपा इस वोटबैंक के साथ सीधे संवाद करना चाह रही है। 2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को कुड़मी समुदाय का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया था।

हाल के दिनों में कुड़मी समुदाय के युवाओं के बीच जयराम महतो की लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने इन नेताओं को आगे लाने की योजना बनाई है। राज्य में आठ प्रतिशत से अधिक कुड़मी समुदाय के लोगों की संख्या है।