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झारखंड: पोल्ट्री फार्मों में हॉट ब्लेड से चोंच काटने पर रोक, क्रूरता रोकने और सुरक्षित विकल्प अपनाने के निर्देश

Published: Sat, 24 Oct 2026 08:45 AM (GMT+05:30)

झारखंड सरकार ने पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों की चोंच काटने के लिए हाॅट ब्लेड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया ...और पढ़ें

पशुपालन निदेशक ने जारी किया पोल्ट्री फार्मों के लिए नई तकनीक के पालन का निर्देश। (तस्वीर: सांकेतिक)

पशुपालन निदेशक ने जारी किया पोल्ट्री फार्मों के लिए नई तकनीक के पालन का निर्देश। (तस्वीर: सांकेतिक)

HighLights

  1. हाट ब्लेड से चोंच काटना पशु क्रूरता, नियमों का उल्लंघन।

  2. झारखंड सरकार ने पोल्ट्री फार्मों में इस पर प्रतिबंध लगाया।

  3. वैकल्पिक सुरक्षित तरीकों जैसे इंफ्रा-रेड डिबिकिंग अपनाने के निर्देश।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड सरकार के राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड ने पोल्ट्री फार्मिंग में मुर्गियों की चोंच काटने के लिए हाट ब्लेड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने इस प्रक्रिया को अवैध और क्रूरता मानते हुए राज्य के सभी जिलों में इस पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

पशुपालन निदेशक सह राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड के सचिव राबिन टोप्पो की ओर से राज्य के सभी जिला पशुपालन पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1) के तहत हाट ब्लेड द्वारा चोंच काटना नियमों का उल्लंघन है।

सभी पोल्ट्री फार्मों और हैचरी को निर्देश जारी करने का आदेश

पत्र के अनुसार, सभी जिलों के अंतर्गत संचालित व्यावसायिक एवं गैर-व्यावसायिक पोल्ट्री फार्मों तथा हैचरी को इस अवैध प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने के लिए निर्देशित करने को कहा गया है। आम जनता और पोल्ट्री संचालकों को जागरूक करने के लिए विज्ञापन के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने का भी आदेश दिया गया है।

पीपल फार एनिमल्स की शिकायत पर संज्ञान

यह कार्रवाई कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग और पीपल फार एनिमल्स पब्लिक पालिसी फाउंडेशन की ट्रस्टी एवं सदस्य सचिव गौरी मौलेखी द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर की गई है। शिकायत में मुर्गी पालन के दौरान हाट ब्लेड से चोंच काटने की क्रूर पद्धति का मामला संज्ञान में लाया गया था।

निदेशक की आदेश की प्रति सभी जिलों के उपायुक्तों (सह-अध्यक्ष, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति) को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भेज दी गई है। अधिकारियों को इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

पोल्ट्री फार्म में डिबिकिंग जरूरी

पोल्ट्री फार्म चलाने वाले रमेश ने बताया कि पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों को आपस में लड़ने से रोकने के लिए चोंच की छंटाई (डिबिकिंग) जरूरी है। क्रूरता नियमों को देखते हुए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए इलेक्ट्रिक डिबेकर मशीन का इस्तेमाल किया जाता है।

बड़े और आधुनिक हैचरी में चूजों के जन्म के पहले दिन ही इंफ्रा-रेड किरणों के माध्यम से चोंच के सिरे को हटाया जाता है। इसे सबसे सुरक्षित और दर्द रहित माना जाता है। वहीं, पालने वाले पक्षियों की चोंच काटने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक के देखरेख जरूरी है। जिसमें एनेस्थीसिया का इस्तेमाल होता है।

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