रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 15 अगस्त के बाद आहूत होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और संसदीय कार्यमंत्री के बीच विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर मंत्रणा हुई। जानकारी के मुताबिक विधानसभा का मानसून सत्र पांच से सात कार्यदिवस का होगा और इस दौरान जरूरी विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। मानसून सत्र सत्र की तारीख कैबिनेट की अगली बैठक में तय होगी। इधर, मानसून सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय तैयारी में जुट गया है।

कुछ विधेयकों को विधानसभा के पटल पर रखने के लिए कैबिनेट से पूर्व में स्वीकृति भी मिल चुकी है। संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि विधानसभा का पिछला सत्र 23 मार्च को संपन्न हुआ था। इस लिहाज से छह माह पूरे होने में वक्त है। इस बार समय पर विधानसभा सत्र का आयोजन समय पर किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में इस आशय से संबंधित प्रस्ताव रखा जाएगा। संसदीय कार्यमंत्री के मुताबिक विधानसभा का सत्र आहूत करना संवैधानिक बाध्यता है। दो विधानसभा सत्रों के आयोजन में छह माह से अधिक की देरी नहीं की जा सकती।

सचिवालय सेवा के 69 अवर सचिव का तबादला

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने सचिवालय सेवा के 69 अवर सचिवों का तबादला कर दिया है। ऐसे पदाधिकारियों का तबादला किया गया है, जो पिछले सात वर्षों से एक ही जगह पर डटे हुए हैं। इसके अलावा, जिनकी सेवानिवृत्ति एक वर्ष से कम बची हुई है, उनका तबादला नहीं हुआ है। विभाग ने इन तबादलों से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है।

सरयू राय ने फिर साधा खान सचिव पर निशाना

विधायक सरयू राय ने एक बार फिर खान सचिव पर निशाना साधा है। रविवार को उन्होंने ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस बात का वर्णन किया है कि खान सचिव 20 जुलाई के बाद से बगैर छुट्टी लिए कार्यालय नहीं आ रहे हैं। उन्होंने न तो किसी को प्रभार दिया है और न ही छुट्टी पर रहने की सूचना दी है। राय ने लिखा है कि यह एक गंभीर मामला है और सरकार को सच्चाई का पता लगाना चाहिए। भारतीय प्रशासनिक सेवा का सचिव स्तर का अधिकारी ऐसा कैसे कर सकता है। खान सचिव दुस्साहसी हैं और ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने ऐसा बहुत कुछ किया है, जो प्रशासनिक पदाधिकारी को करना तो दूर, करने के लिए सोचना भी नहीं चाहिए।

Edited By: Sujeet Kumar Suman