रांची, राज्य ब्यूरो। विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को झाविमो से भाजपा में शामिल हुए विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला उठा। झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस मसले पर कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया और सीबीआइ जांच कराने की मांग की, जिसे स्पीकर दिनेश उरांव ने खारिज कर दिया।

इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुआ। सीपी सिंह ने विशेषाधिकार हनन लाने की बात कही। यह भी कहा कि हमारी औकात क्या दो करोड़ की ही है? विवाद बढ़ा तो स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12.15 तक स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो भी यथास्थिति बनी रही। इस बीच प्रभारी वित्तमंत्री की हैसियत से सीएम रघुवर दास ने सीएजी की रिपोर्ट सदन पटल पर रखी।

दूसरी पाली में भी व्यवधान बरकरार रहा। शोरगुल के बीच सरकार की ओर से सभा में नौ विधेयक पेश किए गए जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। प्रदीप ने कहा, दलबदल से जुड़ा पत्र 4 अक्टूबर 2017 को विधानसभा सचिवालय को मिला है, चुनाव आयोग को भी सौंपा गया है। इसके बाद भी सीबीआइ जांच न हो तो दाल में जरूर कुछ काला है। इस बीच भाजपा विधायक बिरंची नारायण उठ खड़े हुए। बोले, क्यों झूठ बोल रहे हैं। बाबूलाल साबित करें कि कब मैंने पैसे दिए। इस बीच दोनों ओर से नारेबाजी होने लगी।मंत्री सीपी सिंह ने प्रदीप यादव के आरोप को साबित करने की चुनौती दी। बोले, रवींद्र राय ने नोटिस दिया है,बाबूलाल मरांडी होटवार जेल जाएंगे। 

राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री का यह चरित्र शोभा नहीं देता। प्रदीप यादव ने कहा कि यदि गलत है, तो इसकी जांच कराई जाए। स्पीकर दिनेश उरांव ने यह कहते हुए कार्यस्थगन खारिज कर दिया कि इस मामले में न्यायाधिकरण में सुनवाई चल रही है। ऐसे में इसे हाउस में लाने का औचित्य नहीं है। इस बीच हेमंत बोले, न्याय कहां है। कितनी तारीखें देंगे। इस बीच कुणाल षाडंगी द्वारा गैर मजरुआ जमीन की रसीद न कटने पर पेश किए गए कार्यस्थगन को भी स्पीकर ने अमान्य करार दिया। हालांकि स्पीकर ने राजस्व मंत्री को उठाए गए विषय पर ध्यान देने की नसीहत दी। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी श्रावणी मेले की अव्यवस्था पर कार्यस्थगन लाए, इसे भी अमान्य करार दिया गया। 

अधिवक्ता लिपिकों की मृत्यु पर आश्रितों को मिलेंगे 50 हजार रुपये 

अधिवक्ताओं द्वाराबहाल लिपिकों की मृत्यु होने पर उसके नामित या आश्रितों को 50 हजार रुपये सहायता राशि के रूप में मिलेंगे। इतना ही नहीं, अधिवक्ता लिपिक नौकरी की समाप्ति के बाद एक निर्धारित रकम प्राप्त करने के भी हकदार होंगे। राज्य सरकार ने अधिवक्ता लिपिकों के कल्याण के लिए निधि के गठन का निर्णय लिया है, जिसके लिए शुक्रवार को झारखंड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि विधेयक, 2018 विधानसभा में पारित हो गया। इस निधि में स्टाम्प की बिक्री से प्राप्त सभी रकम, विधि परिषद, संघ या अधिवक्ताओं द्वारा स्वेच्छा से दी गई रकम आदि रखी जाएगी।

कल्याण निधि का संचालन एक समिति द्वारा किया जाएगा जिसमें विधि परिषद के अध्यक्ष इसके पदेन अध्यक्ष, विधि विभाग के प्रधान सचिव, गृह सचिव, वित्त सचिव, झारखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार सदस्य होंगे। इनके अलावा अधिवक्ता लिपिकों द्वारा मनोनीत तीन सदस्य भी इसमें शामिल होंगे। निधि के सदस्य बनने के लिए लिपिकों को दो हजार रुपये दो अद्र्धवार्षिक किश्तों में अदा करना होगा। निधि के सदस्यों के कल्याण के लिए समूह बीमा कराया जाएगा। निधि के सदस्यों और उनके आश्रितों के लिए चिकित्सीय एवं शैक्षणिक सुविधाओं के अलावा अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएगी।

सदन में फिर लहराया दैनिक जागरण

भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने शुक्रवार को विधानसभा में दैनिक जागरण लहराया। विपक्ष के हंगामे के बीच बिरंची ने खूंटी में पत्थलगड़ी के खिलाफ ग्रामीण मुखर, उखाड़ फेंका उकसाने वाला पत्थर शीर्षक से दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर का जिक्र किया। विपक्ष के इस मसले पर मौन रहने को लेकर सत्ता पक्ष उस पर हमलावर है। 

 ओझा बोले जान पर खतरा, विपक्ष बोला शेम-शेम

भाजपा विधायक अनंत ओझा को फोन पर जान से मारने की धमकी और गालियां दी जा रही हैं। शुक्रवार को सदन से उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर की, इस पर विपक्षी सदस्यों ने शेम-शेम कर सरकार की चुटकी ली। सत्ताधारी दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने अनंत ओझा को जान से मारने की धमकी का मामला उठाया। इस पर विपक्षी खेमे से शेम-शेम की आवाजें आने लगीं।

अनंत ओझा ने कहा कि 11 तारीख से मुझे जान से मारने की धमकी और गालियां दी जा रही हैं। स्पीकर ने इसे गंभीर विषय बताते हुए सरकार से संज्ञान लेने को कहा। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है।

हेमंत ने कहा- बुजुर्ग नेता सीपी ने कहा- गाली न दे

नगर विकास मंत्री सीपी सिंह अब भी अपने को युवा ही मानते हैं। शुक्रवार को सदन की पहली पाली में जब नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने उन्हें बुजुर्ग नेता कह कर संबोधित किया तो वे नाराज हो गए। बोले, बुजुर्ग कह कर गाली दे रहे हैं। जवान को बुजुर्ग कैसे कहेंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष की तल्ख बहस के बीच सीपी सिंह की इस चुटकी पर सभी हंसने लगे।

झामुमो के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी ने गुरुवार को सीपी सिंह द्वारा नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन और पूरे विपक्ष को देशद्रोही कहने का मामला उठाया। कहा, नेता प्रतिपक्ष को देशद्रोही, अफजल गैंग का कहा जा रहा है। हेमंत भी बोले कि आप आरोप लगाएंगे और हम चुप बैठेंगे।  

कहा, ये सामंती सोच के लोग हैं, इन्होंने हमारी भावनाओं को कुचलने का प्रयास किया है। स्पीकर दिनेश उरांव ने कहा कि यह विषय कल आ चुका है। इस पर भी हेमंत चुप नहीं हुए। सीपी सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये सदन में भी और सदन के बाहर भी इस बात को ताल ठोंककर बोलते हैं।

सरकार में बैठे लोगों को यह बातें शोभा नहीं देती। इस बीच झामुमो विधायक वेल में आ गए और भूमि अधिग्रहण बिल वापस लो के नारे लगाने लगे और स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 12.15 तक के लिए स्थगित कर दिया। 12.20 पर जब दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तब भी यथास्थिति बनी रही।

 

 

Posted By: Babita

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