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लोधमा-पिस्का लिंक लाइन को मिलेगी रफ्तार: रेलवे को 11 एकड़ जमीन देगी झारखंड सरकार, केबिनेट बैठक में मिली मंजूरी 

Published: Thu, 28 May 2026 01:00 AM (IST)

झारखंड सरकार ने लोधमा-पिस्का लिंक रेल लाइन परियोजना के लिए 11.635 एकड़ भूमि के स्थायी हस्तांतरण को मंजूरी दे दी है। इससे परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

रेल लाइन परियोजना। फाइल फोटो

रेल लाइन परियोजना। फाइल फोटो

HighLights

  1. झारखंड सरकार ने लोधमा-पिस्का लिंक लाइन को भूमि दी।

  2. परियोजना से रांची-हटिया स्टेशनों पर दबाव घटेगा, गति मिलेगी।

  3. पिस्का स्टेशन भविष्य में बड़ा रेलवे हब बनेगा।

जागरण संवाददाता, रांची। रांची रेल मंडल की महत्वाकांक्षी लोधमा–पिस्का लिंक रेल लाइन परियोजना को राज्य सरकार के ताजा फैसले से नई गति मिलने जा रही है। कई दिनों से निर्माण कार्य चलने के बावजूद भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण परियोजना की रफ्तार धीमी थी।

अब राज्य कैबिनेट ने खूंटी जिला अंतर्गत कर्रा अंचल के मौजा काटमकुकू एवं कुलहुटू की 11.635 एकड़ गैरमजरूआ खास एवं आम भूमि को दक्षिण पूर्व रेलवे को स्थायी भू-हस्तांतरण की स्वीकृति दे दी है। इसके एवज में 17 करोड़ 81 लाख 58 हजार 938 रुपये की राशि का भुगतान किया जाएगा।

माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। रांची रेल मंडल ने परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। रेलवे की ओर से प्रारंभिक निर्माण और भूमि संबंधी कई प्रक्रियाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।

करीब 17.2 किलोमीटर लंबी इस लिंक लाइन का निर्माण लोधमा और पिस्का स्टेशन के बीच किया जा रहा है। यह लाइन हटिया और रांची स्टेशन को बाइपास करते हुए सीधे कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के पूरा होने के बाद राउरकेला–टोरी रेल रूट की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

रांची और हटिया स्टेशन पर घटेगा दबाव

फिलहाल कई ट्रेनों और मालगाड़ियों को रांची एवं हटिया स्टेशन होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दोनों स्टेशनों पर परिचालन दबाव बना रहता है। नई लिंक लाइन बनने के बाद कई ट्रेनों को सीधे इस रूट से चलाया जा सकेगा।

इससे रांची और हटिया स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त स्लाट उपलब्ध होंगे। इस लाइन के चालू होने से उत्तर और दक्षिण भारत की ओर रेल परिचालन अधिक सुगम होगा।

ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और यात्रियों के समय की भी बचत होगी। अनुमान है कि कई ट्रेनों के परिचालन समय में करीब एक घंटे तक की कमी आ सकती है।

पिस्का स्टेशन बनेगा बड़ा रेल हब

पिस्का स्टेशन को आनंदविहार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। भविष्य में इसे रांची और हटिया के बाद बड़े रेलवे हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे राजधानी रांची के रेल नेटवर्क को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।

लोधमा–पिस्का लिंक लाइन परियोजना रांची रेल नेटवर्क के लिए काफी महत्वपूर्ण है। रेलवे का प्रयास है कि वर्ष 2028 तक परियोजना को पूरा कर परिचालन शुरू किया जाए। इससे ट्रेनों के संचालन समय में कमी आएगी और रांची–हटिया सेक्शन पर दबाव भी घटेगा। -करुणा निधि सिंह, डीआरएम, रांची रेल मंडल