तीन वर्ष बाद पता चला नियुक्ति विज्ञापनों में है त्रुटि, झारखंड में आठ विज्ञापन को किया रद; नए सिरे से होगी बहाली
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य और जिला स्तर पर 192 पदों के लिए जारी ...और पढ़ें

वर्ष 2023 में छह तथा 2024 में दो अलग-अलग विज्ञापन जारी कर मंगाए गए थे आवेदन।
HighLights
समग्र शिक्षा अभियान के तहत 192 पदों की भर्ती रद्द।
नियुक्ति विज्ञापनों में अस्पष्टता और त्रुटियां पाई गईं।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने आठ विज्ञापन निरस्त किए।
नीरज अम्बष्ठ, रांची। नियुक्ति नियमावलियों में अस्पष्टता एवं त्रुटि होने के कारण झारखंड लोक सेवा आयाेग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाएं रद होती रही हैं। नियमावली में त्रुटि के कारण मामला कोर्ट तक चला जाता है।
कई बार कोर्ट के आदेश से परीक्षाएं रद करनी पड़ी हैं। ताजा मामला में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा राज्य से लेकर जिला स्तर पर होनेवाली बहालियों में त्रुटि का मामला सामने आया है। आवेदन मंगाने के तीन वर्ष बाद यह पता चला कि नियुक्ति को लेकर जारी विज्ञापनों में त्रुटि और अस्पष्टता है।
मामला कानूनी पचड़े में न पड़े, इसलिए परिषद ने एक साथ आठ विज्ञापनों को रद करने का निर्णय लिया है। इनमें छह विज्ञापन वर्ष 2023 तथा दो विज्ञापन वर्ष 2024 में जारी कर कर अभ्यर्थियों से आवेदन मंगाए गए थे। परीक्षा भी आयोजित हो गई थी।
इन विज्ञापनों के माध्यम से समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य से लेकर जिला स्तर पर कुल 192 पदों पर नियुक्ति होनी थी। इन पदों के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को 941 आवेदन मिले थे, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में परिषद की ओर से इन आठों विज्ञापनों को रद कर नए सिर से विज्ञापन जारी करने का प्रस्ताव दिया गया, जिसपर स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
विज्ञापन में परीक्षा के पूर्णांक तथा कार्य अनुभव में थी अस्पष्टता
परिषद द्वारा राज्य कार्यकारिणी समिति में रखे गए प्रस्ताव में कहा गया कि विज्ञापन में लिखित एवं तकनीकी परीक्षा में पूछे जानेवाले वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या तथा कुल पूर्णांक का उल्लेख नहीं था। साथ ही साक्षात्कार के कुल अंक भी निर्धारित नहीं थे।
यह भी कहा गया है कि जुलाई 2019 में हुई राज्य कार्यकारिणी समिति ने कुल 200 अंकों की परीक्षा की स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन परीक्षा के लिए वर्ष 2023 में एक्सएलआरआइ, जमशेदपुर के साथ जिस एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ, उसमें कुल 230 पूर्णांक निर्धारित कर दिए गए। बाद में अक्टूबर 2025 में राज्य कार्यकारिणी समिति ने कुल 230 पूर्णांक पर सहमति प्रदान की।
इसी तरह, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, समग्र शिक्षा अभियान तथा महिला समाख्या आदि के तहत कार्यरत कर्मियों को प्रतिवर्ष सेवा के आधार पर एक अंक का वेटेज देने का प्रविधान तो किया गया, लेकिन इसका विज्ञापन में उल्लेख नहीं था।
अन्य कर्मियों के वेटेज का भी निर्धारण विज्ञापन में नहीं था। कार्य अनुभव के अंक को लिखित परीक्षा के बाद जोड़ा जाना है या साक्षात्कार के बाद, इसकी भी स्पष्टता नहीं होने के कारण साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के चयन में कठिनाई आ रही है। भविष्य में वैधानिक मामलों का सामना करना पड़ सकता है।
एक्सएलआरआई, बीआईटी मेसरा को नियुक्ति प्रक्रिया में किया था शामिल
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने नियुक्ति प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सही और पारदर्शी बनाने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में एक्सएलआरआइ तथा बीआइटी मेसरा को शामिल किया था। प्रबंधन से जुड़े पदों के लिए परीक्षा और साक्षात्कार की जिम्मेदारी एक्सएलआइ तथा आइटी व कंप्यूटर से जुड़े पदों की जिम्मेदारी बीआइटी, मेसरा को दी गई थी।
इन पदों पर होनी थी नियुक्ति
राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (अलग-अलग विषयों के लिए), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (अलग-अलग विषयों के लिए), वित्त नियंत्रक, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी, वित्त पदाधिकारी, ईएमआइएस विशेषज्ञ, असिस्टेंट कंप्यूटर प्रोग्रामर, कार्यालय सहायक, लाइब्रेरियन (80 सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस के लिए), प्रोग्राम को-आर्डिनेट (अलग-अलग विषयों के लिए), जूनियर इंजीनियर।
