रांची, राब्यू : झारखंड प्रदेश जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने राज्य में 83 फीसद आरक्षण की वकालत की है। जदयू ने इस संदर्भ में राज्यपाल को पत्र भेजा है। साथ ही, 17 सितंबर को राज्यपाल से मिलकर अपनी बात रखने की अनुमति राजभवन सचिवालय से मांगी है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने अपने पत्र में कहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो को 10 फीसद आरक्षण देने के केंद्र के निर्देश के बाद झारखंड हाईकोर्ट के 50 फीसद आरक्षण की सीमा नहीं लांघने की बात बेमानी हो चुकी है। इसे केंद्र में रखकर उन्होंने 21 सितंबर 2001 को कैबिनेट स्तर से पारित 73 फीसद (अनुसूचित जनजातियों को 32, अनुसूचित जातियों को 14 तथा ओबीसी को 27 फीसद) आरक्षण को प्रभावी बनाने की मांग की है। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो को 10 फीसद आरक्षण देने के संबंध में पहल करने का अनुरोध किया है।

एक अक्टूबर से पोषाहार आपूर्ति का जिम्मा सखी मंडलों को

रांची, राब्यू: अक्टूबर महीने से राज्य के 38,640 आगनबाड़ी केंद्रों में 'रेडी टू इट पोषाहार' की आपूर्ति की व्यवस्था बदली जाएगी। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के सहयोग से यह कार्य सखी मंडलों की दीदियां करेंगी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा. सुनील कुमार वर्णवाल ने सोमवार को राज्य के सभी उपायुक्तों संग वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।

प्रधान सचिव ने उपायुक्तों को इस व्यवस्था में सूचीबद्ध सभी स्वयं सहायता समूहों का बैंक खाता खोलने तथा उनके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से जहां पोषाहार की आपूर्ति में सहूलियत होगी, वहीं सखी मंडलों की आर्थिक स्थिति भी समृद्ध होगी। उन्होंने शहरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीक के गांव में मौजूद आंगनबाड़ी केंद्रों से टैग करने को कहा।

इधर जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार के अनुसार आगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत 6 माह से 03 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 6 माह से 6 वर्ष के कुपोषित बच्चों को 'रेडी टू इट' पोषाहार दिया जाता है। अब इसकी आपूर्ति से सखी मंडलों को जोड़ा जाएगा, जो गावों में गठित महिला ग्राम संगठन से जुड़ी हैं। वर्तमान में पूरे राज्य में 2.17 लाख सखी मंडल हैं और लगभग 28 लाख महिलाएं इससे जुड़ी हुई हैं।

Posted By: Jagran

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