जमशेदपुर के P&M हाईटेक सिटी सेंटर मॉल की पर्यावरण अनदेखी उजागर, सिया ने पकड़ी पुरानी इमारत की पोल
झारखंड राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (SIAA) ने जमशेदपुर के पीएंडएम हाईटेक सिटी सेंटर मॉल के पर्यावरण नियमों की अनदेखी के दावों को खारिज कर दिया है।

मॉल प्रबंधन ने प्राधिकरण से पेनल्टी की राशि के बदले गौशाला विकास, सामुदायिक विकास और स्कूल निर्माण जैसी गतिविधियों को स्वीकार करने का आग्रह किया था।
HighLights
मॉल ने पेनल्टी से बचने को पुराने स्कूल निर्माण का दावा किया।
सेल और टाटा स्टील की खनन परियोजनाओं को मिली राहत।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (SIAA/सिया) ने पर्यावरण नियमों की अनदेखी के मामले में जमशेदपुर के पीएंडएम हाईटेक सिटी सेंटर मॉल के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
मॉल प्रबंधन ने प्राधिकरण से पेनल्टी की राशि के बदले गौशाला विकास, सामुदायिक विकास और स्कूल निर्माण जैसी गतिविधियों को स्वीकार करने का आग्रह किया था।
जांच में पकड़ी गई मॉल प्रबंधन की पोल
पर्यावरण मानकों की पड़ताल करने वाली स्टेट लेवल एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (SEAC/सेक) की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
कमेटी ने पाया कि मॉल प्रबंधन ने पेनल्टी से बचने के लिए जिस स्कूल भवन के निर्माण पर खर्च करने का दावा किया था, वह इमारत वास्तव में पर्यावरण मंजूरी मिलने से काफी पहले ही बनकर तैयार हो चुकी थी।
इसके अतिरिक्त मॉल के पिछले हिस्से में हरियाली (ग्रीन बेल्ट) विकसित करने से जुड़ा कोई ठोस दस्तावेज भी प्रबंधन जांच दल के सामने पेश नहीं कर सका। इसके बाद सिया ने सेक की सिफारिशों को सही मानते हुए मॉल के सभी तर्कों को आधारहीन करार दे दिया।
सेल और टाटा स्टील की परियोजनाओं को मिली राहत
दूसरी ओर, सिया की समीक्षा बैठक में राज्य की प्रमुख खनन परियोजनाओं को राहत दी गई है। धनबाद स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की जितपुर अंडरग्राउंड कोल माइंस को रेमेडिएशन व कम्युनिटी रिसोर्स प्लान पूरा करने के लिए दो साल का अतिरिक्त समय दिया गया है, जिसकी समय सीमा अब बढ़ाकर 6 जून 2028 कर दी गई है।
इसके साथ ही, टाटा स्टील की सिजुआ कोलियरी को सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की शर्त पर उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) की मंजूरी मिल गई है। वहीं, टाटा स्टील के सरायकेला-खरसावां में प्रस्तावित नए औद्योगिक प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी दे दी गई है।
