734 करोड़ के GST घोटाले में जमशेदपुर के कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल पुत्र समेत गिरफ्तार, ईडी ने भेजा जेल
ईडी ने 734 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल ...और पढ़ें

जमशेदपुर से स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल व उसके बेटे राज जायसवाल की देर रात हुई थी गिरफ्तारी।
HighLights
जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल व बेटे राज गिरफ्तार।
734 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में ईडी ने की कार्रवाई।
फर्जी कंपनियों के नाम पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का आरोप।
राज्य ब्यूरो, रांची। 734 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले से जुड़े मामले में बुधवार की देर रात जमशेदपुर से गिरफ्तार स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल व उसके बेटे राज जायसवाल को ईडी ने गुरुवार की सुबह रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में पेश किया।
यहां से कोर्ट के आदेश पर दोनों पिता-पुत्र को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है। ईडी आने वाले समय में दोनों को रिमांड पर लेगी। हालांकि, फिलहाल उन्हें रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी नहीं दी है।
ईडी ने बुधवार को जीएसटी घोटाले के इस मामले में झारखंड व बंगाल के चार ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें जमशेदपुर में तीन व कोलकाता में एक ठिकाना शामिल था। जिनके विरुद्ध छापेमारी हुई, उनमें जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, उसके अकाउंटेंट संजय पारेख व इससे जुड़े अन्य आरोपित शामिल थे।
जीएसटी घोटाला मामले की जांच के क्रम में ईडी को जानकारी मिली है कि ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल ने बिना सामान की आपूर्ति किए ही फर्जी कंपनियों के इनवाइस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का लाभ लिया है। इन फर्जी कंपनियों के बारे में भी ईडी को जानकारी मिली, जिनका सत्यापन के बाद ही ईडी ने ज्ञानचंद जायसवाल व उसके बेटे के विरुद्ध कार्रवाई की है।
ईडी ने छापेमारी में ज्ञानचंद जायसवाल की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य आदि जब्त की है। इन सभी दस्तावेज की ईडी समीक्षा करेगी। समीक्षा में अगर पुष्टि होगी कि उक्त संपत्ति जीएसटी घोटाले की राशि से अर्जित की गई है, तब ईडी वैसी सभी संपत्ति को जब्त करेगी।
पूर्व में इन आरोपितों को जेल भेज चुकी है ईडी
जीएसटी घोटाला के इस मामले में पूर्व में ईडी ने जमशेदपुर के कारोबारी विक्की भालोटिया, कोलकाता के कारोबारी शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा व अमित गुप्ता की गिरफ्तारी की थी और जुलाई 2025 में उनके विरुद्ध चार्जशीट भी दाखिल की थी।
ईडी ने उस वक्त छापेमारी के दौरान आरोपितों के ठिकाने से 29 लाख रुपये नकदी की भी बरामदगी की थी। इतना ही नहीं, ईडी ने छानबीन में पाया था कि आरोपितों ने 135 फर्जी कंपनियों की मदद से 5000 करोड़ रुपये का फर्जी बिल जारी कर 734 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया था। ईडी ने इन सभी फर्जी कंपनियों के बैंक खाते में पड़े 63 करोड़ रुपये भी फ्रीज की थी।
आरोपितों की घोटाले की राशि से अर्जित 20 करोड़ 71 लाख की अचल संपत्ति को भी जब्त की थी। अब स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल व उसके बेटे के निवेश से जुड़े दस्तावेज को भी खंगाला जा रहा है।
पहले डीजीजीआई ने की थी गिरफ्तारी
ज्ञानचंद जायसवाल की गिरफ्तारी वर्ष 2024 में जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) जमशेदपुर की टीम ने की थी। डीजीजीआइ ने जांच में पाया था कि कुछ कागजी कंपनियां जय भोलानाथ, मा शारदा एंडेवर, मेकर्स कास्टिंग, केदारनाथ ट्रैक्सीन व ज्ञानदीप आयरन के नाम पर जारी फर्जी बिल की मदद से 55.56 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया था।
जांच में ये कंपनियां मिली ही नहीं। बिना आपूर्ति के सिर्फ कागज पर कारोबार हुआ था और बिल जारी हो गया था। बाद में कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल को जमानत मिल गया था। अब डीजीजीआइ के इस इनपुट के आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग के तहत जांच के क्रम में ईडी ने उसे गिरफ्तार किया है।
