जागरण संवाददाता, रांची : रविवार की शाम शरद पूर्णिमा के अवसर पर कांके डैम के समीप गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जय गंगे माता मइया, देवी सुरेश्वरी भगवती गंगे.. भजन से पूरा वातावरण गूंज उठा। हर हर महादेव शंभू, काशी विश्वनाथ गंगे, शंभू, शंभू, शंभू .. के उद्घोष से ऐसा प्रतीत हुआ जैसे कांके डैम में काशी अवतरित हो गया हो। गंगा पंडित ऋषभ देव, मनराज पांडे व मेघा पांडे जय गंगे माता मइया भजन की धुन पर 14 वस्तुओं से गंगाआरती करते रहे। पंडित रामदेव पांडे ने बताया कि गंगाआरती में चंवर, धुवन, गुगल, मोरपंख, कपड़ा, फूल, शंख समेत 14 वस्तुओं से आरती करने का विधान है। प्रत्येक आरती में पांच चरण पूरे किए जाते हैं। गंगाआरती के आयोजक आलोक कुमार ने बताया कि पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए यह अनोखी पहल की गई है। झारखंड में पहली बार गंगाआरती का आयोजन किया गया है। अब प्रत्येक माह पूर्णिमा के दिन गंगाआरती का आयोजन होगा। इस अवसर पर सांसद संजय सेठ ने आओ चलो जलाशयों को बचाएं मुहिम का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांके डैम शहर के बीचोबीच स्थित है। यह डैम हमारे लिए गंगा नदी से कम नहीं है। गंगाआरती के आयोजन का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि हम सभी जलाशयों को कैसे सुरक्षित रखें। गंगाआरती के माध्यम से झारखंड के सभी जलाशयों में गंगा का वास होगा। मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि जल है तो कल है। अब प्रतिमाह पूर्णिमा के दिन गंगाआरती का आयोजन होगा तो जनभावनाएं जागृत होंगी। जलाशयों के प्रति आस्था व विश्वास बढ़ेगा तो सभी जलाशय व तालाब स्वच्छ और सुंदर होंगे। गंगाआरती से लोग भावविभोर होंगे और जलाशयों की स्वच्छता के प्रति उनके मन में श्रद्धा भाव उत्पन्न होगा। गंगाआरती के दौरान नूतन शर्मा, किरण पाठक व मनोज तिवारी ने भजन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कांके विधायक डॉ. जीतू चरण राम, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, पूर्व पार्षद सुनीता देवी, पार्षद नकुल तिर्की, राकेश भास्कर, दिव्य ज्ञान, जयशंकर जयपुरियार, धर्मेद्र मिश्रा, समेत कई उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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