रांची, जागरण संवाददाता। Jagran Jal Sansad - दैनिक जागरण के कितना-कितना पानी अभियान के तहत बरियातू हाउसिंग कॉलोनी में लोगों के बीच जल संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने दैनिक जागरण के अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा, शहर में डीप बोरिंग के कारण पानी की किल्लत है।

डीप बोरिंग के कारण भूगर्भ जल का स्तर घटता जा रहा है। उन्होंने कहा, जल है तभी कल है। पानी बचाने की शुरुआत घर से करनी होगी। छोटी-छोटी बचत के साथ-साथ घरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग और सॉकपीट का निर्माण होना चाहिए। इससे जल संचयन के साथ ग्राउंड वाटर को रिचार्ज किया जा सकेगा।

अधिक से अधिक पेड़ लगाएं

महिलाओं ने कहा, पानी बचाने के लिए पर्यावरण को बचाना होगा। निर्माण कार्यों के कारण पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे। पर्यावरण संतुलन होगा तो बारिश अच्छी होगी। अनिता सिन्हा, ऊषा चौधरी ने कहा, लोगों को आरओ के वेस्ट पानी का घर के अन्य कामों के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। फूल-पौधे, बर्तन धोने आदि कामों में इस पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

वर्षा जल संचयन पर जोर देना चाहिए

वीणा सिंह, ऊषा कुमारी ने कहा, सीमित जगहों में फ्लैट भी सीमित होने चाहिए। अधिक जनसंख्या के कारण पानी का अधिक दोहन होता है। सभी को वर्षा जल संचयन पर जोर देना चाहिए। आशा, मीनाक्षी प्रधान ने कहा, छोटी-छोटी जरूरतों के लिए पानी के इस्तेमाल के दौरान भी काफी बचत की जा सकती है। बरतन धोने के समय नल बंद करके, पीने का पानी गिलास में ना देकर बोतल में देने से भी पानी की बचत होगी।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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