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भाजपा नेत्री राफिया नाज पर टिप्पणी मामले में मंत्री इरफान अंसारी ने रांची कोर्ट में किया सरेंडर, मानहानि केस में मिली जमानत

By Manoj singhEdited By: Chandan Sharma
Published: Mon, 24 Aug 2026 05:40 PM (IST)

मंत्री इरफान अंसारी ने मानहानि मामले में रांची सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें 10-10 हजार रुपये के ...और पढ़ें

मंत्री इरफान अंसारी को मानहानि मामले में मिली जमानत, रांची कोर्ट में किया सरेंडर। (फोटो: फाइल)

मंत्री इरफान अंसारी को मानहानि मामले में मिली जमानत, रांची कोर्ट में किया सरेंडर। (फोटो: फाइल)

HighLights

  1. मंत्री इरफान अंसारी ने मानहानि मामले में कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।

  2. रांची सिविल कोर्ट ने उन्हें 10 हजार के मुचलके पर जमानत दी।

  3. यह मामला 2020 में राफिया नाज की टिप्पणी से जुड़ा है।

राज्य ब्यराे, रांची। झारखंड की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मानहानि के एक मामले में मंत्री इरफान अंसारी ने रांची सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) किया है। अदालत ने उन्हें 10-10 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर जमानत दे दी है।

यह पूरा मामला अगस्त 2020 का है, जब एक निजी न्यूज चैनल के इंटरव्यू के दौरान उनके द्वारा योग शिक्षिका और भाजपा नेत्री राफिया नाज के पहनावे पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस बयान के बाद राफिया नाज ने रांची सिविल कोर्ट में उनके खिलाफ मानहानि का शिकायत वाद दर्ज कराया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया था कि इस तरह की टिप्पणियों से स्त्री लज्जा भंग करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का प्रयास किया गया।

लंबे समय से चली आ रही कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के कड़े रुख के बाद अब मंत्री इरफान अंसारी ने अदालत में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है।

क्या है पूरा मामला?

  • विवादित टिप्पणी: यह मामला अगस्त 2020 का है, जब एक निजी न्यूज चैनल के इंटरव्यू के दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा नेत्री राफिया नाज के पहनावे पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
  • लगाए गए गंभीर आरोप: इस बयान से आहत होकर राफिया नाज ने रांची सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मानहानि का शिकायत वाद दर्ज कराया। शिकायत में उन्होंने मंत्री पर स्त्री लज्जा भंग करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का गंभीर आरोप लगाया था।
  • अदालती कार्रवाई: लंबे समय से चल रही इस कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के कड़े रुख के बाद, आखिरकार मंत्री इरफान अंसारी को अदालत में पेश होकर सरेंडर करना पड़ा, उन्हें फिलहाल कानूनी राहत (जमानत) मिल गई है।