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झारखंड में बोले इरफान, ज्ञानेश की तरह किसी सेवानिवृत्त IAS को कुर्सी न मिले; निर्वाचन आयोग पर साधा निशाना

Published: Tue, 29 Sep 2026 07:23 PM (IST)

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों को सेवा के बाद पद न देने की वकालत की, विशेषकर ज्ञानेश ...और पढ़ें

झारखंड में रिटायर्ड आईएएस एवं आईपीएस के सवाल को स्वास्थ्य मंत्री ने किया अनसुना।

झारखंड में रिटायर्ड आईएएस एवं आईपीएस के सवाल को स्वास्थ्य मंत्री ने किया अनसुना।

राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य सह परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी की पहचान उनकी भाषा शैली से ही है। नेपाल हाउस में मंगलवार को मीडिया से उन्होंने कहा कि 2029 में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बन जाएंगे। वे उनसे मांग करते हैं कि सेवानिवृति के बाद किसी आईएएस को ज्ञानेश कुमार की तरह कोई कुर्सी नहीं दी जाय।

सेवानिवृति के बाद उपकृत होने वाले संवैधानिक संस्था के सम्मान की रक्षा नहीं कर पाते। सवाल किया गया कि झारखंड में भी सेवानिवृत आइएएस को कुर्सी देने पर यही दृष्टिकोण है? इरफान ने इस सवाल को अनसुना कर दिया। इरफान बोले कि ज्ञानेश कुमार के पास ज्ञान है तो उसका उपयोग अच्छे काम के लिए करना चाहिए।

नेपाल हाउस में संवाददाता सम्मेलन में इरफान बोले, भारत निर्वाचन आयोग ने ऐसा साफ्टवेयर तैयार किया है जो अंसारी, खान, शेख, कुरैशी, सैयद लिखा पाता है तो उस नागरिक का नाम मतदाता सूची से उड़ा देता है। और भी नागरिकों का नाम हटाया जा रहा है। लोग परेशान हैं।

उनके सम्मान पर आंच आ रही है। भारत निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारी दो दिन पहले साहिबगंज एवं पाकुड़ में एसआइआर का कार्य देखने आये थे। इस प्रसंग पर इरफान अंसारी बोले कि बिहार चुनाव के समय हल्ला किया गया था कि बंगलादेशी को खोज रहे हैं।

जामताड़ा में बंगलादेशी की बात कही गयी थी। यदि वो लोग वास्तव में राजनीति की जगह सरकारी कार्य कर रहे हैं तो एक भी बंगलादेशी को खोज लाते।

रिटायर्ड आईएएस एवं आईपीएस पर मेहरबान रहीं सरकारें

झारखंड बनने के बाद सरकारें रिटायर्ड सेवानिवृत अधिकारियों पर मेहरबान रही हैं। ताजा बात करें तो सेवानिवृत मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते को झारखंड लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था जिन्हें बहाली में कदाचार के लिए जेल जाना पड़ा। सुखदेव सिंह झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग में सलाहकार रहे।

डीके तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाए गए। एनएन पांडेय को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद का अध्यक्ष बनाया गया था। आईपीएस में पूर्व डीजीपी नीरज सिन्हा को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग का अध्यक्ष बनाया गया जो इस्तीफा दे दिए थे।

सेवानिवृत डीजीपी अजय कुमार झारेरा के अध्यक्ष हैं। स्वर्गीय अमिताभ चौधरी को झारखंड लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। डीके पांडेय को भी कई समितियों में सलाहकार रखा गया था।