पलामू, (मृत्युंजय पाठक)। Firdous Naaz Female Police Officer In Palamu एक महिला की एक साल पहले शादी हुई। कुछ दिनों तो सब कुछ ठीकठाक चला। अब गर्भवती है। यह खुशी की बात है। लेकिन दुख की बात यह है कि वैवाहिक रिश्ता संकट में पड़ गया। पति अब रिश्ता तोड़ लेना चाहता है। वह अपनी पत्नी के पेट पर लात से मारता है, ताकि गर्भ नष्ट हो जाय। इस दुख-दर्द को लेकर मेदिनीनगर (पलामू) महिला थाना में महिला पहुंचती है। थाना प्रभारी फिरदौस नाज को आवेदन देकर पति के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाती है। इसके बाद फोन कर पति को बुलाया जाता है। फिर पति-पत्नी को सामने बिठाकर फिरदौस समझाती हैं।

इस तरह पति पत्नी के रिश्ते में आ गई जान

पति-पत्नी दोनों महिला थाना प्रभारी के सामने एक-दूसरे की शिकायत करते हैं। दोनों की सुनने के बाद फिरदौस महिला के पति से कहती हैं- ठीक है, आप अपनी पत्नी से रिश्ता तोड़कर दूसरी शादी कर सकते हैं। क्या इसकी गारंटी दे सकते हैं कि दूसरी पत्नी पहली से अच्छी होगी? पति का जवाब नहीं में होता है। इसके बाद फिरदौस मिलजुलकर रहने की सलाह देती हैं। साथ ही चेतावनी भी कि अगर आगे से शिकायत मिली तो जेल भेज देंगे। महिला को भी सलाह देती है कि हर बात पर उत्तेजित होने के बजाय हंसकर टालना सीखिए। धीरे-धीरे रिश्ता मधुर हो जाएगा। इसके बाद पति-पत्नी दोनों एक साथ घर लौट जाते हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित हो चुकी फिरदौस

फिरदौस को इस तरह की घटनाओं से हर रोज सामना होता है। उनका प्रयास होता है कि शादी के बाद पति-पत्नी के रिश्ते की डोर ने टूटे। इसके लिए शिकायती आवेदन पर प्राथमिकी कर जेल भेजने के बजाय समझौता और सहमति पर जोर होता है। इस कार्य के लिए पलामू पुलिस-प्रशासन 15 अगस्त, 2022 को स्वतंत्रता दिवस पर फिरदौस को सम्मानित भी कर चुका है।

इसलिए टूट रहे आजकल पति पत्नी के रिश्ते

मेदिनीनगर महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज 2018 बैच की सब इंस्पेक्टर हैं। रांची के कांके की रहने वाली हैं। 31 दिसंबर, 2021 से महिला थाना प्रभारी हैं। इससे पहले एक साल तक हुसैनाबाद में महिला थाना प्रभारी थीं। नाज ने दैनिक जागरण से बातचीत करते हुए कहा कि आज के दौर में पति-पत्नी के रिश्ते बहुत तेजी से टूट रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि बर्दाश्त करने की क्षमता कम होती जा रही है। मेदिनीनगर थाने में औसतन हर रोज एक केस पति-पत्नी के झगड़े के आ रहे हैं। अधिकतम मामलों का निपटारा मध्यस्थता, पारिवारिक और सामाजिक समझौता के माध्यम से कराने का प्रयास होता है। इसमें सफलता भी मिल रही है। लड़की की हित को सोचते हुए परिवार को जोड़ना मेरी प्राथमिकता होती है।

Edited By: M Ekhlaque

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