रांची, राज्य ब्यूरो। भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी हर्ष मंगला ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक के रूप में आधा दर्जन से अधिक वैसे मामलों को निपटाया जो वर्षों से लंबित थे। उन्होंने बहुत ही कम समय में माध्यमिक शिक्षा को गति दी। शिक्षकों की भी कई ऐसी समस्याओं को सुलझाया जिनपर पूर्व में ध्यान नहीं दिया गया था तथा जिसके लिए शिक्षक कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे। केंद्र सरकार ने अब हर्ष मंगला की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में निदेशक की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पदभार सौंप दिया। वे शीघ्र ही केंद्र में योगदान देंगे।

कई उल्‍लेखनीय कार्य कर रचा इत‍िहास

माध्यमिक शिक्षा निदेशक के रूप में हर्ष मंगला ने अल्प अवधि में ही कुल 29 विषयों पर संलेख बनाकर कैबिनेट की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैयार कर उनपर विभिन्न विभागों से अनुमोदन कराया। इनमें नौ मामलों में कैबिनेट की स्वीकृति भी मिल गई। अन्य मामले कैबिनेट की स्वीकृति के लिए अंतिम चरण में हैं। अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षकों को पेंशन का लाभ देने हेतु संलेख तैयार किया गया। कई वर्षों से लंबित मदरसों के अनुदान का रास्ता साफ हुआ। इसपर भी कैबिनेट से स्वीकृति दिलाई। माध्यमिक व प्लस टू शिक्षकों के वरीयता का निर्धारण किए जाने से शिक्षकों की प्रोन्नति का रास्ता साफ हुआ। लंबे समय बाद नवनियुक्त शिक्षकों की सेवा संपुष्टि भी हुई।

शिक्षकों के सृजित हो रहे नए पद

प्लट टू विद्यालयों में अभी तक समाजशास्त्र तथा राजनीति विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों के पद सृजित नहीं थे। साथ ही 186 उत्क्रमित उच्च विद्यालयों में शिक्षकों के पद सृजित नहीं थे। हर्ष मंगला ने पदों के सृजन को लेकर प्रस्ताव तैयार कर विभिन्न विभागों की स्वीकृति के लिए भेजा। उनके प्रयास से शिक्षा विभाग में छह-छह नियुक्ति नियमावलियां अंतिम चरण में हैं। इससे शिक्षकों के हजारों पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ होगा। वहीं, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों तथा माडल विद्यालयों में पहली बार शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति हो पाएगी।

माडल विद्यालयों के घंटी आधारित शिक्षकों का बढ़ेगा मानदेय

राज्य के 89 माडल विद्यालयों में वर्ष 2012 से ही घंटी आधारित शिक्षक कार्यरत हैं, जिनका मानदेय कभी नही बढ़ा था। हर्ष मंगला ने उनके मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया। अब इसपर वित्त विभाग की स्वीकृति ली जा रही है।

केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर नियुक्त होंगे आदर्श विद्यालयों में शिक्षक

आदर्श विद्यालयों में नियमित नियुक्ति होने तक केंद्रीय विद्यालयों की तर्•ा पर अनुबंध पर नियुक्ति की जाएगी। इसका भी प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजा गया था, जिसपर वित्त विभाग ने कुछ सुझाव दिए थे। अब उन सुझावों पर अमल करते हुए दोबारा प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है।

माडल विद्यालयों में बनेंगे छात्रावास, खरीदे जाएंगे बेंच-डेस्क

माडल विद्यालयों में पहली बार छात्रावास के निर्माण का निर्णय लिया गया। कुल 89 विद्यालयों में प्रति विद्यालय 2.50 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इसपर राज्य योजना प्राधिकृत समिति की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही 71 करोड़ रुपये की राशि से माडल विद्यालयों में सभी आवश्यक बेंच-डेस्क उपकरण और आइसीटी लैब स्थापित किए जाएंगे। इसपर योजना प्राधिकृत समिति की स्वीकृति मिल चुकी है। नेतरहाट तथा इंदिरा गांधी आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर स्थापित आवासीय विद्यालयों में तीन विद्यालयों की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसपर कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी।

Edited By: M Ekhlaque