रांची, जेएनएन। Jama Masjid Coronavirus Salah यहां जुमा नमाज के दौरान मस्जिदों में लॉकडाउन रहा, लोगों ने घरों में नमाज अता की, कोरोनावायरस  संक्रमण के मद्देनजर  देशभर के उलेमाओं  और  एदारों के निर्देश पर जुमा नमाज़ के दौरान रांची के सभी मस्जिदों में लॉकडाउन रहा। सभी मस्जिदों के दरवाजे बंद रहे। मस्जिदों में केवल चार से पांच की संख्या में नमाजी शामिल हुए। मस्जिद के इमाम नायब इमाम जैसे लोग नमाज में शामिल रहे। सभी नमाजी घर में ही जोहर की नमाज अदा किए। एक दिन पहले ही एदार ए शरिया और अंजुमन इस्लामिया रांची ने जुमा की नमाज मस्जिदों में अदा नहीं करने की निर्देश जारी किया था जुम्मा के नमाज के बदले घरों में जोहर की नमाज अदा करने का निर्देश दिया गया था। 

एदार ए शरिया झारखंड का ये था निर्देश 

(1) कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए, लॉक डॉउन रहने तक जुमा नमाज़ के बदले सभी मुसलमान अपने अपने घरों में ही जुम्मा की जमात का समय खत्म होते ही जोहर की नमाज घर पर ही अदा करें। 

(2) मस्जिद के इमाम,नाएब इमाम, मोआज्जिन,नाएब मोअज्जिन, खतीब और जो लोग मस्जिद परिसर में रहते हैं सिर्फ वही जुमा की नमाज जमात के साथ पढें और नमाज के बाद मस्जिद के दरवाजे बंद कर दें। पंच वक्त के नमाजियों का भी यही आदेश है।

(3) लॉकडॉउन के नियमावली का पालन करें। ऐससी विकट स्थिति में शरीयते पाक में रुखसत पर अमल करने की इजाजत है। हुक्म  के अनुसार सभी एहतियाती कदम उठाएे जायें। क्योंकि राज्य सरकार की और से भीड़ कम करने का आदेश है।

देश के विभिन्न राज्यों शहरों में कोरोना वायरस का कहर जिस तरह बढ़ रहा है, समय रहते अगर देशवासी नहीं संभले और लॉकडाउन का पूरी तरहा पालन नहीं किया तो, इसके परिणाम का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि कोडरमा ज़िले के विभिन्न प्रखंड के तकरीबन सभी मस्जिद कमिटियों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने को लेकर मस्जिद में जुमे की नमाज अदा नहीं करने के फैसला लिया है।

जलवाबद कमिटी के जिम्मेदार, जामा मस्जिद हसनाबाद के इमाम मौलाना सरफराज साहब और काजी मोहम्मद नसीम कासमी सहित अन्य अंजुमन कमिटी के लोगों ने ये मशिवरा में फैसला लिया है, कि मस्जिद में जुमा की नमाज अदा की जाएगी, जिसमें इमाम, मोवज्जिन और खादिम ही मिलकर नमाज अदा करेंगे। इसके अलावा गांव मुहल्ले के लोग शामिल नहीं होंगें, बल्कि बाकी के  सभी लोग घर पर ही ज़ुहर या नमाज ए जुमा अदा कर लेंगें। ज्ञात हो कि जलवाबाद कमिटी के जिम्मेदार हाजी शहनवाज, हाजी साजिद, हाजी वसीम, हाजी आफ़ताब, हाजी प्रवेज़ आदि  के अनुसार कोरोना जैसी बला से बचने के लिये जहां अल्लाह पर तवक्कल करना है, दुआ करना है। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग भी ज़रूरी है।

कमिटी के लोगों ने सभी से अपील करते हुये कहा कि लोग गली मोहल्ले में भीड़ एकट्ठा न लगाएं, सरकार के इस फैसले पर अमल करते हुये अपने अपने घरों में रहें, बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें। सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों का पालन करना हम सब का दायित्व है। वहीं क्लान्द्रिया एसोसिएशन ट्रस्ट ने भी ज़िले के विभिन्न अंजुमन कमिटी के द्वारा लिये गये फैसले को सही बताते हुये आम जनों से अपील करते हुये कहा कि जो भी लोग दूसरे शहर राज्यों से या विदेश से अपने घर पहुंचे हैं, वो सभी लोग अपनी जांच अवश्य करवा लें। ये आपकी ज़िंदगी के साथ आपके परिवार के लिये भी ज़रूरी है।

जुमे के दौरान सभी हजरात अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा कर लें। इस्लाम एक मुकम्मल मजहब है और कुरान ए पाक में हर चीज का हल बताया गया है। बस ज़रूरी है कि हम कुरान हदीस पर अमल करें। वहीं कमिटी के जिम्मेदार ने यह भी कहा की पांच वक्त की आजान और नमाज जो हो रही है, वह होती रहेगी। इसमें गांव के लोग मस्जिद न जाकर घर पर ही नमाज पढ़ा करेंगें, मस्जिद के इमाम, मुवज्जिन और दो तीन लोग ही नमाज मस्जिद में अदा कर लेंगे।

Posted By: Alok Shahi

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