इंडी गठबंधन की दिल्ली रैली: झारखंड से 25 हजार कार्यकर्ताओं को ले जाने का दावा, ट्रेनों में बुकिंग नहीं और बसों से संभव नहीं
आईएनडीआईए गठबंधन ने दिल्ली रैली के लिए झारखंड से 25-30 हजार कार्यकर्ता जुटाने का दावा है, लेकिन परिवहन व्यवस्था को ...और पढ़ें

परिवहन की ठोस व्यवस्था नहीं, लेकिन लक्ष्य 25 हजार लोगों के पहुंचने का। (तस्वीर सौजन्य: नेहा तिर्की)
HighLights
आइएनडीआइए का दिल्ली रैली में 25 हजार कार्यकर्ता जुटाने का लक्ष्य।
कार्यकर्ताओं के लिए परिवहन व्यवस्था की ठोस तैयारी का अभाव।
कुछ बसों से कार्यकर्ता रवाना, पर लक्ष्य पूरा होना मुश्किल।
आशीष झा, रांची। नई दिल्ली में आईएनडीआईए गठबंधन की ओर से नई दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ, देश बचाओ रैली के लिए झारखंड के से 25 से 30 हजार कार्यकर्ताओं को लेकर जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है लेकिन आश्चर्य की बात है कि इसके लिए पार्टियों की ओर से कोई ठोस तैयार दिख नहीं रही है।
हां, इतना जरूर है कि मंत्रियों, सांसदों, विधायकों से लेकर जिला अध्यक्षों तक को कार्यकर्ताओं की भीड़ लेकर जुटने का निर्देश दिया गया है। कांग्रेस की ओर से 15 हजार तो राष्ट्रीय जनता दल ने दस हजार कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा है। किसी भी दल ने ट्रेनों की बुकिंग नहीं की है।
मंत्री और विधायक अपनी टीम के साथ फ्लाइट से जाने की तैयारी कर चुके हैं रहे हैं तो लेकिन असल परेशानी कार्यकर्ताओं को लेकर जाना है। कार्यकर्ताओं की प्रस्तावित संख्या के मुकाबले परिवहन व्यवस्था को लेकर अब तक तस्वीर स्पष्ट नहीं है।
62 ट्रेनें, कहीं गठबंधन की ओर से कोई बल्क बुकिंग नहीं
30 और 31 अक्टूबर को रांची, धनबाद और जमशेदपुर से नई दिल्ली के लिए जाने वाली ट्रेनों की संख्या क्रमश: 11, 11 और दस है। दोनों दिन मिलाकर इन 62 ट्रेनों में गठबंधन या पार्टियों की ओर से कोई बल्क बुकिंग नहीं की गई है और नेताओं को अपने बूते कार्यकर्ताओं को लेकर जाने के लिए कहा गया है। इन ट्रेनों में फिलहाल 70-80 सीटें खाली दिख रही हैं।
पूर्व में आरक्षण करा चुके कार्यकर्ताओं की संख्या भी जोड़ लें तो बमुश्किल दो-तीन सौ कार्यकर्ता रेल मार्ग से जाएंगे। जबकि कांग्रेस ने अपने मंत्रियों को एक-एक हजार लोगों को लेकर जाने के लिए कहा है तो विधायकों को 500-500 कार्यकर्ताओं को ले जाना है।
जिलाध्यक्षों के लिए 300 लोगों का लक्ष्य है तो पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों के लिए सौ-सौ कार्यकर्ताओं को लेकर जाना है। कई नेताओं का कहना है कि कार्यकर्ताओं को तो तैयार कर लें लेकिन परिवहन की व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है और इतने लोगों को लेकर जाना कोई आसान लक्ष्य भी नहीं है।
बसों से इतनी बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचना आसान नहीं
बसों से इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को ले जाना आसान नहीं होगा। कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों की ओर से गुरुवार देर शाम तक 50-60 बसों से कार्यकर्ताओं को भेजने की तैयारी की गई थी। गुरुवार को मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने एक साथ 13 बसों को रवाना कर बाजी मारी है।
नई दिल्ली के लिए रिजर्व इन बसों में ढोल-नगाड़ों के साथ दर्जनों कार्यकर्ता सवार हुए। माना जा रहा है कि छह सौ से सात सौ कार्यकर्ता बसों से रवाना हो चुके हैं। मंत्री इरफान अंसारी के क्षेत्र से भी आधा दर्जन बसें रवाना हुई हैं।
कांग्रेस के दो मंत्री और हैं जिनके कार्यकर्ता अलग-अलग रास्तों से रवाना होंगे। वर्तमान तैयारियों के अनुसार कांग्रेस नेता तीन से चार हजार कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचेंगे तो राजद ने कार्यकर्ताओं को अपने बूते जाने के लिए कह दिया है। आंकड़ा अस्पष्ट और भगवान भरोसे है।

मांडर से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को लेकर रवाना हुई बस।
कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता ट्रेनों और बसों से रवाना हो रहे हैं। प्रदेश स्तर पर जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है वह पूरा भी होगा।
-राकेश सिन्हा, मीडिया प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस।
रांची से नई दिल्ली के लिए सार्वजनिक परिवहन
- फ्लाइट : नई दिल्ली के लिए रोजाना नौ फ्लाइट है
- ट्रेनें : राजधानी समेत 32 ट्रेनें उपलब्ध हैं जिनमें अक्सर लेट चलनेवाली स्वर्णजयंती एक्सप्रेस में कुछ सीटें उपलब्ध दिख रही हैं।
- विभिन्न जिलों से दो दर्जन के करीब बसें चलती हैं लेकिन रैली में रिजर्व करने पर ही जाएंगी।
