रांची, राज्य ब्यूरो। हटिया रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ व जीआरपी के संयुक्त अभियान में रविवार को तपस्विनी एक्सप्रेस से बरामद 50 लाख रुपये का हिसाब आयकर विभाग को नहीं मिला। रुपये का दावा करने वाली बलदेव एंड संस कंपनी के लोहरदगा व ओडिशा के संबलपुर स्थित दफ्तर में कई दिनों से आयकर विभाग की दो टीमें अलग-अलग सर्वे कर रही थी।

सर्वे में अनियमितता की भी पुष्टि हुई। रुपयों के बारे में कंपनी ठोस जानकारी नहीं दे सकी। अब आयकर विभाग उक्त 50 लाख रुपये को विधिवत जब्त करेगी और कंपनी के विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई करेगी। दो फरवरी को तपस्विनी एक्सप्रेस से 50 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार दोनों यात्री बिहार के हैं। एक आरोपित कमलेश सिंह (52) भोजपुर और दूसरा आरोपित सच्चिदानंद सिंह (50) औरंगाबाद का रहने वाला है। दोनों बलदेव साव एंड संस कंपनी, संबलपुर में सिक्योरिटी गार्ड हैं।

कोर्ट के आदेश पर उन्हें छोड़ दिया गया है, क्योंकि वे कैरियर की भूमिका में थे। आयकर विभाग की पूछताछ में दोनों ने बताया था कि उक्त रुपये कंपनी के हैं, जिसे वे संबलपुर से लोहरदगा पहुंचाने के लिए चले थे। रुपयों के साथ पकड़े जाने के बाद पूरे मामले में अनुसंधान की जिम्मेदारी आयकर विभाग को सौंप दी गई थी।

आयकर विभाग के उप निदेशक अतुल कुमार को इस मामले में जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सर्वे में कंपनी के बुक व वाउचर को भी खंगाला गया था, इसके बावजूद रुपयों के स्रोत की जानकारी नहीं मिल सकी। यही कारण है कि उक्त राशि जब्त की जा रही है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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