रांची, जागरण संवाददाता। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद आपाद विभाग ने पिछले दिनों गाइडलाइन जारी कर बायोमैट्रिक (अंगूठे के निशान) का प्रयोग बंद करने का निर्देश दिया है। जिसमें बायोमैट्रिक से उपस्थिति तुरंत बंद करने को कहा था। जिसके बाद सरकारी कार्यालय में बायोमैट्रिक बंद कर दिया गया। लेकिन दूसरी ओर जितने भी जन वितरण प्रणाली के दुकानें है वहां पर अभी भी बायोमैट्रिक से ही राशन दिया जा रहा है। जिसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बायोमैट्रिक सिर्फ सरकारी कार्यालय में ही बंद करने का निर्देश है या बायोमैट्रिक से संक्रमण फैलने को लेकर इसे बंद करने का निर्देश दिया गया था।

पीडीएस सिस्टम से राज्य के 56 लाख परिवार जुड़े हैं

जन वितरण प्रणाली की दुकानों में बिना बायोमैट्रिक सत्यापन किए राशन नहीं दिया जाता है। जबकि इससे पीडीएस सिस्टम से राज्य के 56 लाख परिवार जुड़े हैं। जिन्हें इस वजह से संक्रमण होने का खतरा हो सकता है।खाद्य-आपूर्ति विभाग के निदेशक दिलिप तिर्की बताते हैं कि अभी तक विभाग द्वारा बायोमैट्रिक बंद करने का निर्देश नहीं आया है। जिस कारण यह नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि पिछली बार संक्रमण को देखते हुए बायोमैट्रिक बंद किया गया था, लेकिन लाभुकों द्वारा लगातार डीलर द्वारा अनाज की चोरी होने की शिकायत आयी थी। इस कारण भी हो सकता है कि इस सिस्टम को बंद नहीं किया जा रहा हो।

राज्य में करीब 26 हजार पीडीएस के पास लगा है बायोमैट्रिक सिस्टम

राज्य में करीब 26 हजार पीडीएस डीलर हैं जहां पर बायोमैट्रिक सिस्टम से लाभुकों को राशन दिया जाता है। हालांकि इसमें से ऑफलाइन डीलर करीब 1700 हैं जहां पर बायोमैट्रिक सिस्टम नहीं लगा है। इन जगहों पर नेटवर्क की समस्या के कारण बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं किया जाता है। इतनी बड़ी संख्या में डीलर के द्वारा बायोमैट्रिक का प्रयोग लाखों लोगों को बारी-बारी करवाना संक्रमण को फैलने में मददगार साबित हो सकता है।

पिछली बार संक्रमण बढ़ने के बाद बंद हुई थी बायोमैट्रिक सिस्टम

पिछली बार कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विभाग ने बायोमैट्रिक सिस्टम को बंद कर दिया था। जिसके बाद राशन लाभुकों को कई माह तक ओटीपी के माध्यम से ही राशन दिया गया। हालांकि इस बीच कई शिकायतें डीलरों के खिलाफ मिली जिसके बाद कार्रवाई भी की गई। कुछ का लाइसेंस सस्पेंड भी किया गया था। लाभुकों का कहना है कि सरकार को कोई ऐसी व्यवस्था लागू करनी चाहिए जिससे अभी के समय बिना बायोमैट्रिक के राशन मिलें लेकिन राशन की चोरी ना हो सके।

Edited By: Madhukar Kumar