रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विभिन्न विभागीय प्रमुखों के साथ आगामी बजट योजनाओं और बजट आकार को लेकर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फिजूलखर्ची हर हाल में रोकें। उन योजनाओं को ड्राप किया जाए जिसपर अत्यधिक खर्च के बावजूद बेहतर परिणाम नहीं आ रहा है।

उन कल्याणकारी योजनाओं पर भी उन्होंने अफसरों से सलाह-मशविरा किया जिसे वे लागू करना चाहते हैं। गरीब परिवारों के लिए 72 हजार रुपये सालाना की व्यवस्था और दस रुपये में धोती, साड़ी, लुंगी योजना शुरू किए जाने पर उनका जोर दिखा।

बजट का आकार पिछले वित्तीय वर्ष से कम होगा, क्योंकि राजस्व वसूली की स्थिति बेहतर नहीं है। खजाने की सेहत को देखते हुए वैसी योजनाएं ही लिए जाने का निर्देश दिया गया है जो अधिकाधिक लोगों तक पहुंचे और व्यापक लाभ हो। मुख्यमंत्री ने आधारभूत संरचना को विकसित करने की योजनाओं पर संबंधित विभागों से जानकारी ली।

इसके अलावा राजस्व बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई है। बजट का प्रारूप तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इसमें आंशिक संशोधन के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि विधानसभा में तीन मार्च को आगामी वित्तीय वर्ष का वार्षिक बजट सरकार पेश करेगी। पिछले वित्तीय वर्ष का बजट आकार 85,429 करोड़ का था। बुधवार को मुख्यमंत्री चालू वित्तीय वर्ष के तृतीय अनुपूरक बजट पर अधिकारियों संग चर्चा करेंगे।

जीएसटी का शेयर नहीं मिलने से भी दिक्कतें :

केंद्र से जीएसटी का शेयर नहीं मिलने के कारण भी वित्त विभाग की स्थिति पतली होती जा रही थी। अभी केंद्र से अनुमानित राशि का एक चौथाई भाग मिला है जिससे थोड़ी सी स्थिति सुधरी है। कई योजनाओं की राशि नहीं दी जा रही है और अब फरवरी महीने के आखिरी सप्ताह में भुगतान शुरू होने की बात कही जा रही है। ठेकेदारों को इससे थोड़ी राहत मिल सकती है।

लागू होंगी ये कल्याणकारी योजनाएं :

-गरीब परिवारों के लिए 72 हजार रुपये सालाना की होगी व्यवस्था।

-गरीब परिवारों को दस रुपये में धोती, साड़ी, लुंगी की योजना।

-सार्वजनिक स्थानों पर पांच रुपये में बिरसा दाल-भात योजना केंद्र खुलेंगे।

-प्रत्येक गांव में किसान और महिला बैंक की स्थापना। 50 हजार रुपये तक कर्ज बिना गारंटर आधार कार्ड पर।

-बेरोजगारों के लिए मासिक भत्ता, रोजगार के लिए विशेष योजनाएं।

-गरीब परिवारों को सभी सुविधाओं के साथ आवास के लिए तीन लाख रुपये।

-गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों की बेटियों की शादी के लिए स्वर्ण सिक्का, गृहस्थी का सारा सामान।

-12वीं पास करने के बाद राज्य के सभी स्थानीय युवाओं को पढ़ाई में सहयोग के लिए चार लाख रुपये तक का स्टूडेट क्रेडिट कार्ड।

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Posted By: Jagran

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