रांची, जासं। Health News जंक फूड या फास्ट फूड हमारी हड्डियों को नुकसान पहुंचा रहा है। जब हम जंक फूड खाते हैं तब हमारी हड्डियों के लिए जरूरी प्रोटीन, कैल्सियम, विटामिन और मिनरल्स नहीं मिल पाता है। इससे हड्डी कमजोर होने लगती है। खराब जीवनशैली, एक्सरसाइज नहीं करना और खानपान की आदतों में बदलाव के कारण इन दिनों युवाओं में हड्डियों से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं।

हड्डियों से जुड़ी समस्या लेकर हर दिन रांची के रिम्स ओपीडी में 40 से 60 युवा पहुंच रहे हैं। क्लिनिकल स्टडी में यह बात सामने आई है की इन युवाओं में सबसे अधिक समस्या ज्वाइंट पेन, फ्रोजन आर्म को लेकर है। झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के ऑर्थोपेडिक ओपीडी में इस तरह की समस्या सामने आ रही है।

डॉक्टर एलबी मांझी बताते हैं कि स्कूल, कालेज, घर और कार्यालय में ज्यादातर समय बीताने के कारण बच्चों से लेकर युवा वर्ग नियमित एक्सरसाइज, खेलकूद से दूर हो जाते हैं। धूप में न निकलने के कारण विटामिन डी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है। इससे हड्डियां कमजोर होती जाती हैं। इसके अलावा कोरोना के बाद भी इस तरह की समस्या काफी देखने को मिल रही है, हालांकि इस पर शोध किया जा रहा है, जिसके बाद ही कुछ सटीक परिणाम निकल सकते हैं।

हड्डी की बीमारियों में 60 प्रतिशत तक बीमारी दर्द को लेकर आते हैं लोग

मेदांता अस्पताल के आर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ नीलेश मिश्रा बताते हैं कि लोग हड्डी की बीमारियों में 60 प्रतिशत तक बीमारी दर्द को लेकर आते हैं। पहले हड्डियों से जुड़ी जो बीमारी बुढ़ापे में होती थी वह अब युवाओं में भी होने लगी हैं। ऐसे में जरूरत है कि लोगों को हड्डियों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि हड्डियों के स्वास्थ्य को लेकर महिलाओं को खासतौर से जागरूक होना होगा। आज भी ज्यादातर महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देती हैं। वे पूरे घर का ख्याल रखती हैं लेकिन खुद का नहीं।

अपनाएं ये खान-पान...

हड्डियों के लिए जरूरी आहार जैसे दूध और इसके उत्पाद, दाल, हरी सब्जियां खाने में लेना चाहिए। अगर शाकाहारी नहीं हैं तो, रोज एक अंडा आदि खाना चाहिए। महिलाओं को ज्यादा प्रोटीन, कैल्सियम और विटामिन डी की जरूरत है। हड्डियों के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देने के कारण ही ज्यादातर महिलाएं उम्र बढ़ने पर घुटने और मांसपेशियों के दर्द से परेशान रहती हैं।

घुटने और हिप का ट्रांसप्लांट होता है 100 प्रतिशत सफल

मेदांता अस्पताल के आर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ नीलेश मिश्रा ने बताया कि आज के समय में घुटने और हिप का ट्रांसप्लांट 100 प्रतिशत सफल होता है। अगर समस्या अधिक बढ़ जाए तो ट्रांसप्लांट ही एक बेहतर विकल्प बन सकता है। ट्रांसप्लांट के बाद मरीज सामान्य रूप से अपना जीवन जी सकता है और उनकी जीवनशैली में सुधार हो सकता है।

Edited By: Sanjay Kumar